नायलॉन मांझे के खिलाफ नासिक रोड में मनसे की ओर से जनजागृति

Maharashtra Navnirman Vidyarthi Sena
Published on
Updated on

नासिक रोड : महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (Maharashtra Navnirman Vidyarthi Sena) ने नासिक रोड (Nashik Road) इलाके में पतंग और मंझा बेचने वालों से एक सार्वजनिक अपील की है। हर जगह मकर संक्रांति का जोरों पर है और युवा ही नहीं हर आयु के लोग पतंग उड़ाने में रुचि रखते हैं, इसलिए हर कोई पतंग और मंझा के साथ इसका आनंद लेता हुआ दिखाई देता है। मनसे विद्यार्थी सेना ने अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्र में नायलॉन के मांझे का उपयोग न करें। मनसे का कहना है कि नायलॉन का मंझा बहुत खतरनाक होता है, इसके अनेक दुष्प्रभाव होते हैं। 

नायलॉन के मांझे से हर जगह पक्षियों, पशुओं और लोगों को भारी नुकसान पहुंचता है। मंझे से सभी को तकलीफ होती है, इसलिए पतंग उड़ाने वाले नायलॉन के मांझे का उपयोग करने से बचें। मनसे ने सभी पतंग और मंझा बेचने वालों से अनुरोध है कि वे नायलॉन का मंझा न बेचें। मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि कोई मंझा बेचता हुआ दिखा तो उससे मनसे स्टाइल से निपटा जाएगा। मनसे का कहना है नायलॉन का मंझा पशुओं के पैरों में फंस जाता है तो पशु स्थायी रूप से घायल हो सकते हैं। 

मनसे ने पतंग उड़ाते समय साधारण मांझे के इस्तेमाल पर जोर दिया

इतना ही नहीं अगर यह मंझा किसी चलते हुए दोपहिया वाहन में फंस जाए तो दोपहिया वाहन चालक का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है, इसलिए खतरनाक मांझे के उपयोग का सभी को विरोध करना चाहिए और मकर संक्रांति पर्व मनाना चाहिए बच्चों द्वारा बड़े उत्साह के साथ नायलॉन के मांझे का प्रयोग नहीं करना चाहिए, पतंग उड़ाते समय साधारण मांझे का प्रयोग करने पर मनसे से जोर दिया है। पिछले 7 से 8 वर्षों से मनसे और मनसे की विद्यार्थी सेना नासिक रोड क्षेत्र में जन जागरूकता फैला रही है। नालयान मांझे के लिए जागरूकता फैलाने का काम करने वालों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की प्रदेश कार्यकारिणी  के सदस्य शशिकांत चौधरी, उमेश भोई, रंजन पगारे, आदित्य कुलकर्णी, सागर सूर्यवंशी, देव पारखे आदि ने अहम भूमिका निभाई।

Navbharat Live
navbharatlive.com