विवेक भीमनवार बने MPSC के नए अध्यक्ष: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दिलाई शपथ, सीएम-डिप्टी सीएम रहे मौजूद

Vivek Bhimanwar MPSC Chairman: वरिष्ठ अधिकारी विवेक भीमनवार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष पद की शपथ ली। राज्यपाल ने मुंबई में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
Vivek Bhimanwar MPSC Chairman
Vivek Bhimanwar MPSC Chairman (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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MPSC Chairman: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही विवेक भीमनवार ने बुधवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। मुंबई के राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भीमनवार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग जोर पकड़ रही है। अनुभवी सिविल सेवा अधिकारी भीमनवार से उम्मीद की जा रही है कि वे आयोग की छवि को और अधिक सशक्त और विश्वसनीय बनाएंगे।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों शीर्ष नेताओं ने भीमनवार को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके कार्यकाल में छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा। नियमानुसार, विवेक भीमनवार का कार्यकाल अगले छह वर्षों के लिए या 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक होगा। इस नियुक्ति के साथ ही राज्य सरकार ने आयोग के नेतृत्व को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगा दिया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और संवैधानिक प्रक्रिया

शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित रही। राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नरनावरे ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नियुक्ति अधिसूचना पढ़कर सुनाई, जिसके बाद शपथ ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई। इस अवसर पर आयोग के पूर्व अध्यक्ष रजनीश सेठ, कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अभय वाघ और मुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। भीमनवार के परिवार के सदस्यों की उपस्थिति ने इस गौरवपूर्ण क्षण को और भी खास बना दिया, जहाँ सभी ने उनकी प्रशासनिक यात्रा की सराहना की।

नई गाइडलाइंस के तहत 'वंदे मातरम' से शुरुआत

समारोह के दौरान केंद्र सरकार की नई प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ 'वंदे मातरम', राष्ट्रगान और महाराष्ट्र के राज्य गीत 'जय जय महाराष्ट्र माझा' के साथ हुआ। वहीं, कार्यक्रम का समापन भी 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण तरीके से किया गया। अनुशासन और सादगी इस समारोह की मुख्य विशेषता रही, जो एक संवैधानिक संस्था के शीर्ष पद की गरिमा को दर्शाती है। भीमनवार ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद अपनी प्राथमिकताओं की ओर संकेत दिया।

पारदर्शिता और समयबद्ध भर्ती की बड़ी चुनौती

विवेक भीमनवार को प्रशासन में उनके लंबे अनुभव और बेदाग छवि के लिए जाना जाता है। उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही लाखों परीक्षार्थियों की नजरें अब आयोग की आगामी कार्यप्रणाली पर टिकी हैं। भीमनवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती भर्ती परीक्षाओं में होने वाली देरी को रोकना और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना है। आयोग के भीतर तकनीकी सुधारों और छात्र संवाद को बेहतर बनाने की दिशा में भी उनसे बड़े सुधारों की अपेक्षा की जा रही है। एक कुशल प्रशासक के रूप में उनकी साख अब एम पी एस सी के भविष्य को नई दिशा देगी।

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