नासिक के 31 हजार डिफॉल्टर किसानों को बड़ी राहत; अहिल्यादेवी होल्कर योजना के तहत 2 लाख तक का कर्ज होगा माफ
Nashik Farmers Loan: नासिक जिला बैंक के 31 हजार डिफॉल्टर किसानों को 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर योजना' का लाभ मिलेगा। सरकार ने 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की है।
- Written By: रूपम सिंह
लाख का कर्ज (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Farmers Loan Waiver Ahilyadevi Holkar Yojana: कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्जमुक्ति योजना’ के दायरे का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय से नासिक जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (एनडीसीसी) के लगभग 31 हजार डिफॉल्टर किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ये किसान विभिन्न तकनीकी कारणों से पिछली कर्जमाफी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर सके थे।
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत किसानों के दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ करने का प्रावधान किया गया है। योजना के लिए 1 जुलाई 2019 से 30 सितंबर 2025 के बीच डिफॉल्टर घोषित हुए किसानों को पात्र माना गया है। इस छह वर्षीय अवधि को आधार बनाकर लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है।
एनडीसीसी बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में करीब 25 हजार किसानों को कृषि ऋण वितरित किया गया था। इन किसानों को योजना का सीधा लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा वे किसान भी राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं, जो पूर्व में लागू कर्जमाफी योजनाओं, विशेष रूप से 2017 की छत्रपति शिवाजी महाराज किसान कर्जमुक्ति योजना से किसी न किसी तकनीकी कारण के चलते वंचित रह गए थे।
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योजना का स्वरूप और पात्रता
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि योजना का विस्तार प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो इससे हजारों किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है। बढ़ती उत्पादन लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं के कारण कई किसान ऋण चुकाने में असमर्थ रहे हैं। ऐसे में कर्जमाफी का यह कदम उनके लिए संजीवनी साबित हो सकता है।
सरकारी स्तर पर योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता संबंधी अंतिम निर्णय की प्रक्रिया जारी है। किसानों और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की निगाहें अब राज्य सरकार की आगामी घोषणा पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित विस्तार को मंजूरी मिलती है तो नासिक जिले सहित राज्य के हजारों किसानों को आर्थिक राहत का बड़ा लाभ मिलेगा और वे नए सिरे से खेती-किसानी की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगे।
