8.84 करोड़ की योजना, एम्पैनलमेंट सिस्टम पर उठे सवाल, नासिक में सीवेज क्लस्टर योजना के टेंडर जारी
Swachh Bharat Mission: SBM के दूसरे चरण को गति देने के लिए नासिक जिला परिषद ने सीवेज मैनेजमेंट क्लस्टर योजना के टेंडर जारी किए हैं, लेकिन एम्पैनलमेंट प्रणाली की विफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Swachh Bharat Mission News: नासिक स्वच्छ भारत अभियान के दूसरे चरण को गति देने के लिए नासिक जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने सीवेज मैनेजमेंट क्लस्टर योजना के तहत टेंडर जारी कर दिए हैं।
जिले में पहले चरण में 12 क्लस्टर बनाने के लिए 8।84 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है। हालांकि, इस योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य स्तर पर अपनाई गई ‘एम्पैनलमेंट’ प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि पिछले पांच सालों में इसी तरह का प्रयोग पूरी तरह विफल रहा है।
विवादों में टेंडर प्रक्रियाः केवल 6 ठेकेदार ही क्यों ?
- योजना को लागू करने के लिए जल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने राज्य स्तर पर केवल 6 ठेकेदारों का एक पैनल (एम्पैनलमेंट) बनाया है,
नासिक के टेंडर में भी यह शर्त रखी गई है कि केवल यही 6 ठेकेदार काम के लिए पात्र होंगे। - इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं पिछले पांच वर्षों में राज्य स्तर पर ठेकेदारों की पहचान कर काम देने का प्रयोग फेल हो चुका है, जिससे स्वच्छ भारत फेज-॥ का एक भी काम पूरा नहीं हुआ।
- जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्य में तकनीकी काम के लिए केवल 6 ठेकेदारों का होना गले नहीं उतरत्ता।
- इससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ता है।
- चर्चा है कि ये मुख्य ठेकेदार आगे छोटे सब कॉन्ट्रैक्टरों से काम करवाते हैं, जिससे गुणवता प्रभावित होती है और काम समय पर पूरा नहीं हो पाता। राज्य भर में लगभग 200 से 250 क्लस्टर बनाए जाने है।
- इतनी बड़ी संख्या में काम के लिए सीमित ठेकेदारों का होना एक तकनीकी और प्रशासनिक चुनौती बन सकता है।
क्या है सीवेज मैनेजमेंट क्लस्टर योजना ?
2015 में शुरू हुए स्वच्छ भारत अभियान के कारण देश में शौचालयों की संख्या 37% से बढ़कर 98% हो गई है। लेकिन अब इन शौचालयों के सेप्टिक टैंक भरने की नई समस्या सामने आ रही है।
सम्बंधित ख़बरें
संगमनेर जल संकट पर सख्त हुए विखे पाटिल, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
बीजेपी शासित राज्यों में जानबूझकर मुस्लिमों को किया जा रहा टारगेट, सड़कों पर नमाज पर पाबंदी से भड़के अबू आज़मी
NEET के गुनहगार पकड़े गए, तो SRPF पेपर लीक के आरोपी बाहर क्यों? रोहिणी खडसे का महाराष्ट्र सरकार से सवाल
भिगवान में किसानों का उग्र आंदोलन, पुणे-सोलापुर हाईवे किया जाम, पानी की मांग को लेकर ‘रास्ता रोको’
यह भी पढ़ें:- जश्न भी, सुरक्षा भी: न्यू ईयर पर नासिक पुलिस अलर्ट मोड में, शराब बिक्री को मिली विशेष छूट
इसी के समाधान के लिए ‘सीवेज मैनेजमेंट क्लस्टर’ बनाए जा रहे हैं यह क्लस्टर आसपास की ग्राम पंचायतों के शौचालयों से सीवेज (कीचड़) इकट्ठा करेगा। एकत्रित सीवेज को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर उससे जैविक खाद बनाई जाएगी।
नासिक जिले के इन 12 स्थानों पर बनेंगे क्लस्टर
| क्रमांक | तहसील | क्लस्टर स्थान |
|---|---|---|
| 1 | दिंडोरी | मोहदी |
| 2 | सिन्नर | भोकानी |
| 3 | देवला | पिंपलगांव |
| 4 | चांदवड़ | वडालीभोई, भालूर |
| 5 | बागलाण | नामपुर |
| 6 | निफाड़ | विंचूर |
| 7 | येवला | अनकुटो |
| 8 | कलवन | कनाशी |
| 9 | नाशिक | सिद्धा पिंपरी |
| 10 | इगतपुरी | शिरसाठे |
| 11 | मालेगांव | दाभाड़ी |
