भिगवान में किसानों का उग्र आंदोलन, पुणे-सोलापुर हाईवे किया जाम, पानी की मांग को लेकर ‘रास्ता रोको’
Solapur Farmers Protest News: भिगवान में किसानों ने खड़कवासला बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग को लेकर पुणे-सोलापुर हाईवे पर रास्ता रोको आंदोलन किया। प्रशासन नेसमाधान का आश्वासन दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bhigwan Farmers Protest (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Pune Solapur Highway Blockade News: किसानों ने आज पुणे-सोलापुर हाईवे पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया। गुस्साए किसानों ने इंदापुर तालुका में खेती के लिए खड़कवासला बांध से तत्काल पानी छोड़ने तथा कलास, तरंगवाड़ी, भदलवाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता देशमुख द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों में भारी नाराजगी थी। अंततः प्रशासन द्वारा जिला कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आज आपात बैठक बुलाने तथा रास्ता साफ कराने का आश्वासन देने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
खड़कवासला नहर के पानी पर निर्भर इंदापुर तालुका की फसलें पानी की कमी के कारण सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इसी पृष्ठभूमि में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता देशमुख ने 12 मई को किसानों को लिखित आश्वासन देते हुए पानी छोड़ने का वादा किया था। लेकिन 18 मई की सुबह तक भी झील में पानी की एक बूंद नहीं पहुंची, जिससे किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रशासन की देरी के विरोध में सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए और पुणे-सोलापुर हाईवे जाम कर दिया।
हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें
आंदोलन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। “पानी हमारा हक है” जैसे नारों के साथ किसानों ने सरकार और सिंचाई विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों के बढ़ते आक्रोश के चलते स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बन गई।
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प्रशासन ने आपात बैठक का दिया आश्वासन
आखिरकार किसानों के आक्रामक रुख के आगे प्रशासन को बातचीत के लिए आगे आना पड़ा। जिला कलेक्टर और कार्यकारी अभियंता देशमुख ने आंदोलनकारियों से चर्चा की। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि खड़कवासला बांध से पानी छोड़ने में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए जिला कलेक्टर, सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, इंदापुर तालुका के जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित मंत्रियों की मौजूदगी में आपात बैठक आयोजित की जाएगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि 12 मई को दिया गया लिखित आश्वासन पूरा नहीं किया गया, जो उनके साथ विश्वासघात है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बैठक में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और तरंगवाड़ी झील में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
फिलहाल आंदोलन स्थगित
जिला प्रशासन द्वारा वरिष्ठ स्तर पर बैठक आयोजित कर जल्द समाधान का भरोसा दिए जाने के बाद किसानों ने फिलहाल ‘रास्ता रोको’ आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन के कारण पुणे-सोलापुर हाईवे पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
