संगमनेर जल संकट पर सख्त हुए विखे पाटिल, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
Radhakrishna Vikhe Patil: संगमनेर में जल संकट समीक्षा बैठक के दौरान पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने टैंकर व्यवस्था सुधारने, जल जीवन योजना में लापरवाही पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Radhakrishna Vikhe Patil (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sangamner Water Crisis: ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट की गंभीरता को देखते हुए टैंकरों की उचित योजना बनाकर पानी की कमी की समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महावितरण और पंचायत समिति द्वारा टैंकरों का शेड्यूल तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर जानकारी मिल सके। साथ ही, जल जीवन योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा स्वतंत्र जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए। यह निर्देश पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दिए।
संगमनेर के मालपानी लॉन में पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक अमोल खताल की उपस्थिति में तालुका स्तरीय जल संकट समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पालकमंत्री बोल रहे थे। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. पंकज आशिया, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय मुलिक, उपविभागीय अधिकारी अरुण उंडे, गट विकास अधिकारी प्रवीण सिनारे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष कपिल पवार, शिवसेना जिला संयोजक विट्ठल घोरपड़े, तालुका प्रमुख रामभाऊ रहाणे, राजेंद्र सोनवणे, भाजपा तालुका अध्यक्ष गुलाब भोसले, गोकुल दिघे, शहर अध्यक्ष पायल ताजने, डॉ. अशोक इथापे, आरपीआई तालुका अध्यक्ष आशीष शेलके, शहर अध्यक्ष कैलास कासार, जनप्रतिनिधि, नागरिक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
संगमनेर के 25 गांवों में टैंकर से जलापूर्ति
पालकमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तालुका के 25 गांवों और 54 वाड़ियों में 19 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रभावी योजना बनाई जानी चाहिए। गांवों में टैंकर पहुंचने का समय नागरिकों को पहले से बताया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टैंकरों का गंदा पानी तालाबों में छोड़े जाने की शिकायतों पर संबंधित तलाठी और ग्राम सेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।
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टैंकर शेड्यूल सार्वजनिक करने के निर्देश
उन्होंने भंडारदरा से ओझर तक नहरों की तत्काल माप लेने तथा सभी नालों और जलमार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 100 पानी के नमूनों की जांच करने के आदेश भी दिए, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो। पालकमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ग्राम सेवक और तलाठी की उपस्थिति में ही पानी का वितरण किया जाए। पानी कुओं में छोड़ने के बजाय आबादी के अनुसार टैंकों में संग्रहित कर नलों के माध्यम से वितरित किया जाए।
संगमनेर तालुक्यात टंचाई परिस्थितीचा आढावा; प्रशासनाला स्पष्ट निर्देश… 📍संगमनेर संगमनेर तालुक्यातील टंचाई परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी अधिकारी, पदाधिकारी आणि ग्रामस्थांची संयुक्त बैठक घेतली. यावेळी पाणीटंचाई, पाणीपुरवठा योजना, टँकर नियोजन तसेच नागरिकांच्या विविध समस्यांबाबत… pic.twitter.com/HtRUfqvSkE — Radhakrishna Vikhe Patil (@RVikhePatil) May 17, 2026
बिजली कार्यों के लिए अतिरिक्त मैनपावर लगाने के निर्देश
महावितरण अधिकारियों को निर्देश देते हुए पालकमंत्री ने कहा कि जल संकट के दौरान पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। बिजली आपूर्ति में खराबी के कारण नागरिकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अन्य क्षेत्रों से अतिरिक्त मैनपावर बुलाकर गिरे हुए बिजली के खंभों को तुरंत खड़ा करने और मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य ठेकेदारों पर कार्रवाई के संकेत
जल जीवन मिशन और जीवन प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत जल योजनाओं के कार्य समय पर पूरे किए जाएं। पानी की चोरी रोकने के लिए सब-कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त करने वाले मुख्य ठेकेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कुछ क्षेत्रों में पानी का स्रोत उपलब्ध न होने के बावजूद केवल पाइपलाइन बिछाने के मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
“अधिकारी ठेकेदारों का नाम बताने से डर रहे हैं?”
घुलेवाड़ी जल समस्या की समीक्षा करते हुए पालकमंत्री विखे पाटिल ने तालेगांव जलापूर्ति योजना के लिए निलवंडे बांध से पाइपलाइन हटाकर नए सिरे से सर्वेक्षण करने का विकल्प सुझाया और विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदारों ने काम आगे दूसरे लोगों को सौंप दिया है। इस पर उन्होंने आश्चर्य जताया कि अधिकारी भी संबंधित ठेकेदारों के नाम बताने से डर रहे हैं।
विधायक अमोल खताल ने उठाए कई मुद्दे
विधायक अमोल खताल ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर केवल विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। जनता को प्रशासन का सहयोग महसूस हो, इसके लिए लंबित मामलों को औपचारिक रूप से उठाकर सरकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने महावितरण और प्रशासनिक स्तर से जुड़े कई मुद्दों को भी बैठक में उठाया।
