नासिक TCS कांड की मास्टर माइंड निदा खान (दाएं) फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम
Nashik TCS Conversion Case Witness Testimonies: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने अब एक बेहद गंभीर और संगठित रूप ले लिया है।
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के सामने गवाहों ने ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा और धार्मिक कट्टरता के गठजोड़ की ओर इशारा करते हैं।
नासिक धर्मांतरण मामले में जांच के दौरान एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने गवाही देते हुए बताया कि ऑफिस के भीतर कुछ आरोपी खुलेआम अन्य सहयोगियों को उकसाते थे। गवाह के अनुसार, आरोपियों का कहना था, “जाओ, हिंदू लड़कियों को फंसाओ, उन्हें अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ और उनसे शादी कर धर्म परिवर्तन कराओ।” चौंकाने वाला दावा यह भी है कि इस काम के लिए बाकायदा पैसे दिए जाते थे और यह ‘सिस्टम’ साल 2021 से चल रहा था। इसमें कंपनी की एचआर मैनेजर निदा खान की संलिप्तता के भी गंभीर आरोप लगे हैं।
ये भी पढ़ें- एसटी बस किराया वृद्धि और यूपीआई संकट: छात्रा को बस से उतारा, यात्रियों में आक्रोश
TCS में छह साल से कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे मुख्य कार्यालय से अलग छत (टेरेस) पर बने एक कमरे में अकेले काम करने के लिए मजबूर किया गया। उसने बताया, “मेरा फोन और बैग जब्त कर लिया जाता था। जब भी मैं वॉशरूम जाने के लिए नीचे आती, सुरक्षा के बहाने मेरा निजी सामान छीन लिया जाता था।” महिला का आरोप है कि 20 से 25 साल की युवा लड़कियों को ‘आसान शिकार’ मानकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था। जब कर्मचारियों ने इसकी शिकायत एचआर से करनी चाही, तो पता चला कि एचआर खुद इस नेटवर्क का हिस्सा थी।
इस मामले में अब तक कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एचआर मैनेजर निदा खान को गिरफ्तार किया है। इन सभी को कंपनी से निलंबित कर दिया गया है। नासिक पुलिस की SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा बाहरी नेटवर्क या विदेशी फंडिंग शामिल थी।