

Nida Khan Mastermind Nashik IT Case: नासिक की एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस पूरे काले खेल की 'मुख्य साजिशकर्ता' के रूप में एक महिला, निदा खान, का नाम सामने आया है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से ही निदा फरार है और उसने अपने तकनीकी निशान मिटाने के लिए मोबाइल फोन बंद कर अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया है।
विशेष जांच दल (SIT) को संदेह है कि निदा खान राज्य के किसी घनी आबादी वाले इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रही है।
पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि निदा खान ही वह कड़ी थी जो कंपनी में काम करने वाली हिंदू लड़कियों से दोस्ती करती थी और धीरे-धीरे उनका ब्रेनवॉश करना शुरू करती थी। वह उन्हें अपने धर्म की रीति-रिवाजों और अन्य जानकारियों के झांसे में लेकर अन्य आरोपियों के लिए रास्ता तैयार करती थी। निदा की मदद से ही मुख्य आरोपियों ने कंपनी की महिला कर्मचारियों को अपना निशाना बनाया।
मूल रूप से नासिक की रहने वाली निदा खान कुछ महीने पहले ही मुंबई स्थानांतरित हुई थी। जैसे ही पुलिस ने कंपनी पर शिकंजा कसना शुरू किया और संदिग्धों की गिरफ्तारियां बढ़ीं, निदा ने सतर्क होते हुए अपना ठिकाना बदल लिया। वर्तमान में वह नासिक और मुंबई, दोनों ही जगहों से गायब है। नासिक पुलिस की कई टीमें तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसकी तलाश में जुटी हैं।
यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के इस मामले में अब तक 8 महिलाओं और एक पुरुष की शिकायत पर कुल 9 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। मामले में शामिल छह मुख्य संदिग्ध, निश शेख, आसिफ अंसारी, शफी शेख, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और शाहरुख कुरैशी वर्तमान में नासिक केंद्रीय जेल में बंद हैं। उन्हें आज पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस उनकी और कस्टडी की मांग करेगी। वहीं, कंपनी की महिला मानव संसाधन (HR) प्रमुख अश्विनी चैनानी पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ जारी है।
एसआईटी का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी के बाद इस संगठित धर्मांतरण रैकेट के पीछे के बड़े चेहरों और फंडिंग के स्रोतों का खुलासा हो सकेगा।