सुप्रीम कोर्ट में Nashik TCS मामले की गूंज, यौन शोषण और धर्मांतरण आरोपों के बीच 150 कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम
Nashik TCS Case को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल हुई है। धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों के बीच कंपनी ने 150 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नासिक TCS कांड की मास्टर माइंड निदा खान (दाएं) फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम
Nashik TCS Case Supreme Court Plea: सुप्रीम कोर्ट में पहले से धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक स्वतः संज्ञान मामला चल रहा है। स्वतः संज्ञान का मतलब है कि अदालत ने खुद ही इस मुद्दे को संज्ञान में लिया था। अब नासिक के टीसीएस मामले को लेकर उसी केस में एक नई अर्जी दाखिल की गई है।
याचिका दाखिल करने वाले वकील ने अदालत में कहा कि नासिक का यह संगठित धर्म परिवर्तन का मामला पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देने वाला है। याचिका में कई बड़े दावे और मांगें की गई हैं।
इस अपराध को आतंकवादी कृत्य माना जाए
पहली बात यह कि जबरदस्ती या धोखे से धर्म बदलवाना देश के लिए एक गंभीर खतरा है। दूसरी बात यह कि जब यह काम किसी बड़े संगठित और दबाव बनाकर चलाए जा रहे अभियान के तहत होता है तो इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ माना जाना चाहिए, तीसरी बड़ी बात यह कही गई है कि यह जबरन या धोखे से धर्म बदलवाना कोई अकेली धार्मिक घटना नहीं है बल्कि एक ‘सुनियोजित षड्यंत्र’ है।
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याचिका में दावा किया गया है कि इस षड्यंत्र को अक्सर विदेशी ताकतें पैसा देती हैं। इसका मकसद देश के धार्मिक जनसंख्या संतुलन को बदलना है, जिससे भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरा पैदा हो।
Nashik TCS के 150 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
नासिक की टीसीएस कंपनी में महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे शहर में आक्रोश फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीसीएस कंपनी के दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय दिल्ली से आई विशेष टीम ने कंपनी में पहुंचकर जांच शुरू की।
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चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान पिछले 20 दिनों से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जांच के दौरान कामकाज प्रभावित न हो और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 150 कर्मचारियों को सोमवार से वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं।
