Nashik TCS Case: धर्म परिवर्तन के लिए फंडिंग का शक, SIT खंगाल रही आरोपियों के बैंक खाते

Nashik TCS Case: नासिक में आईटी कंपनी की महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले में नया मोड़ आया है। SIT अब आरोपियों के बैंक खातों और फंडिंग सोर्स की जांच कर रही है।
TCS Nashik Case
नासिक TCS यौन उत्पीड़न केस के आरोपी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik TCS Case SIT Investigation: महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी (TCS) में महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) अब आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस पूरी साजिश या अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उन्हें कहीं से कोई 'विदेशी या अवैध फंडिंग' मिली थी।

मैनेजर की कस्टडी बढ़ी, 7 आरोपी गिरफ्तार

नासिक अदालत ने सोमवार को इस मामले की मुख्य आरोपी और ऑपरेशंस मैनेजर (महिला) की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। अब तक पुलिस ने इस मामले में कुल 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एक महिला मैनेजर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य महिला कर्मचारी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

क्या है Nashik TCS Case?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब TCS नासिक की 8 महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के मुताबिक, ऑफिस के सीनियर न केवल उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न कर रहे थे, बल्कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसकी शिकायत कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग से की, तो उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।

TCS और टाटा संस का कड़ा रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इसे 'बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक' करार दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। फिलहाल, टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में एक आंतरिक जांच समिति भी गठित की गई है, जो तथ्यों का पता लगाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि क्या कार्यस्थल पर इस तरह का दबाव बनाना किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।

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