Nashik TCS Case Nitesh Rane (फोटो क्रेडिट-X)
Nashik TCS Case Nitesh Rane: महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया एक आपराधिक मामला अब बड़े सियासी और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ विंग से जुड़े छह कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद राज्य के मंत्री नितेश राणे ने इस मामले को “कॉर्पोरेट जिहाद” करार दिया है।
राणे ने आरोप लगाया है कि यह केवल यौन शोषण का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे सामाजिक और धार्मिक उद्देश्य छिपे हुए हैं।
नासिक पुलिस ने हाल ही में टीसीएस बीपीओ के छह आरोपियों को जूनियर महिला कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित महिला कर्मचारियों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके साथ दफ्तर के भीतर लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामले में धार्मिक गतिविधियों और धर्म परिवर्तन के दबाव के दावे भी जुड़ने लगे, जिससे इलाके में तनाव फ़ैल गया।
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मंत्री नितेश राणे ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “करीब 15 लड़कियों ने अब तक शिकायत दी है। यह एक सोची-समझी साजिश है जिसे मैं ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ कहता हूँ।” राणे ने कंपनी के एचआर (HR) विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जब दफ्तर के भीतर इतनी गंभीर गतिविधियां और उत्पीड़न चल रहा था, तो प्रबंधन क्या कर रहा था? उन्होंने अन्य संभावित पीड़िताओं से भी अपील की कि वे बिना डरे आगे आएं और सरकार उनकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करेगी।
राणे ने आरोपियों की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में उमड़ी भीड़ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि जब आरोपियों को पेश किया गया, तब वहां 600 से ज्यादा लोग इकट्ठा थे। उन्होंने कहा, “इन लोगों का बैकग्राउंड चेक किया जाना चाहिए। आतंकियों के अंतिम संस्कार के अलावा ऐसी भीड़ कहाँ से आती है? जब किसी अन्य समुदाय का अपराधी पकड़ा जाता है तो कोई सड़कों पर नहीं उतरता, लेकिन यहाँ अपराधियों के समर्थन में भीड़ क्यों है?”
इस मामले के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्ष जहां नितेश राणे पर समाज में द्वेष फैलाने का आरोप लगा रहा है, वहीं राणे का कहना है कि वे केवल पीड़ितों के लिए न्याय मांग रहे हैं। नासिक पुलिस वर्तमान में सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि क्या वाकई दफ्तर के भीतर कोई धर्म परिवर्तन का रैकेट सक्रिय था।