सामूहिक विवाह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 परिवारों से लाखों की ठगी, न आई दुल्हन, न मिले आयोजक
Dewas Mass Marriage Fraud: मध्य प्रदेश के देवास में सामूहिक विवाह के नाम पर 42 से अधिक परिवारों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Madhya Pradesh Crime News: देवास के माता टेकरी क्षेत्र में 25 मई को एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होने वाला था। अपनी और अपने बच्चों की शादी की उम्मीदें लेकर भोपाल और शाजापुर जैसे अलग-अलग जिलों से लगभग 42 परिवार सज-धज कर तय किए गए आयोजन स्थल पर पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस स्थान पर शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। न तो वहां कोई टेंट लगा था, न खाने-पीने की कोई व्यवस्था थी और न ही विवाह के लिए तय की गई दुल्हनें वहां मौजूद थीं।
₹25,000 तक की ठगी और अनाथ आश्रम का फर्जी झांसा
ठगों ने बेहद शातिराना तरीके से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपने जाल में फंसाया। शमशाबाद के एक शातिर दंपत्ति ने दावा किया था कि इंदौर के ‘छाया आश्रम’ जैसे अनाथ आश्रमों से बिना माता-पिता वाली लड़कियां विवाह के लिए आएंगी। सामूहिक विवाह के रजिस्ट्रेशन के नाम पर इन ठगों ने प्रत्येक परिवार से ₹15,000 से लेकर ₹25,000 तक की राशि वसूल ली। पीड़ितों के अनुसार, उन्हें मोबाइल पर लड़कियों के फोटो दिखाकर गुमराह किया गया था। कुल मिलाकर इन ठगों ने करीब ₹11 लाख से अधिक की गाढ़ी कमाई अपनी जेब में भर ली।
Madhya Pradesh Crime News: देवास के माता टेकरी क्षेत्र में 25 मई को एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होने वाला था। अपनी और अपने बच्चों की शादी की उम्मीदें लेकर भोपाल और शाजापुर जैसे अलग-अलग जिलों से लगभग 42 परिवार सज-धज कर तय किए गए आयोजन स्थल पर पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस स्थान पर शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। न तो वहां कोई टेंट लगा था, न खाने-पीने की कोई व्यवस्था थी और न ही विवाह के लिए तय की गई दुल्हनें वहां मौजूद थीं।
₹25,000 तक की ठगी और अनाथ आश्रम का फर्जी झांसा
ठगों ने बेहद शातिराना तरीके से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपने जाल में फंसाया। शमशाबाद के एक शातिर दंपत्ति ने दावा किया था कि इंदौर के ‘छाया आश्रम’ जैसे अनाथ आश्रमों से बिना माता-पिता वाली लड़कियां विवाह के लिए आएंगी। सामूहिक विवाह के रजिस्ट्रेशन के नाम पर इन ठगों ने प्रत्येक परिवार से ₹15,000 से लेकर ₹25,000 तक की राशि वसूल ली। पीड़ितों के अनुसार, उन्हें मोबाइल पर लड़कियों के फोटो दिखाकर गुमराह किया गया था। कुल मिलाकर इन ठगों ने करीब ₹11 लाख से अधिक की गाढ़ी कमाई अपनी जेब में भर ली।
