Nashik: सिंहस्थ कुंभ की तैयारी तेज, त्र्यंबकेश्वर जव्हार बाईपास को हरी झंडी, जमीन अधिग्रहण शुरू

Kumbh Mela Preparations: मेले की तैयारी के तहत त्र्यंबकेश्वर में जव्हार बाईपास रोड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण शुरू कर दिया है, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
सिंहस्थ कुंभ की तैयारी तेज, त्र्यंबकेश्वर जव्हार बाईपास को हरी झंडी
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Trimbakeshwar Bypass Road Hindi News: नाशिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर बुनियादी सुविधाओं के विकास ने गति पकड़ ली है। इसी कड़ी में त्र्यंबकेश्वर में जव्हार बाईपास रोड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस बाईपास के बनने से न केवल कुंभ मेले के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन में आसानी होगी, बल्कि आम दिनों में भी श्रद्धालुओं को लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी। त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद द्वारा तैयार तीर्थ स्थल डेवलपमेंट प्लान के तहत इस बाईपास का प्रस्ताव दिया गया है।

कुंभ मेले से पहले सुधरेगा बुनियादी ढांचा

राज्य पर्यटन विभाग ने त्र्यंबकेश्वर तीर्थ स्थल डेवलपमेंट प्लान के तहत दर्शन पथ मंदिर सौदीकरण और तालाब पुनरुद्धार जैसे कार्यों को मंजूरी दे दी है। सिंहस्थ के मौके पर गोदावरी के किनारों पर घाट बनाने और साधु ग्राम विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इस बाईपास रोड से त्र्यंबकेश्वर के उत्तरी हिस्से का विकास भी तेजी से होगा।

वाढवन पोर्ट के ट्रैफिक के लिए भी अहम

  • यह सड़क नाशिक-त्र्यंबकेश्वर रोड से शुरू होकर जव्हार रोड पर गणपति बारी तक जाएगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 3150 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने 87,570 स्क्वायर मीटर जमीन अधिग्रहित करने के लिए संबंधित जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
  • त्र्यंबकेश्वर में ज्योतिर्लिंग और संत निवृत्तिनाथ महाराज की समाधि होने के कारण साल भर भक्तों की भारी भीड़ रहती है, जिससे जव्हार फाटा पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा, नाशिक के रास्ते पालघर जिले में प्रस्तावित वाढवन पोर्ट जाने वाला ट्रैफिक भी इसी रूट का इस्तेमाल करेगा।
  • इस बाईपास के बनने के बाद नाशिक से जव्हार, दहानू या वाढवन पोर्ट जाने वाले वाहन त्र्यंबकेश्वर शहर के भीतर घुसे बिना सीधे बाहर निकल सकेंगे।

बजट और निर्माण की जिम्मेदारी

इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 71 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से लगभग 13 करोड़ 23 लाख रुपये जमीन अधिग्रहण के लिए और 58 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर खर्च होंगे। इस सड़क का निर्माण महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा किए जाने की संभावना है। नगर परिषद ने योजना बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि सड़क खेती योग्य जमीन की सीमाओं से गुजरे ताकि अधिग्रहण में कोई बड़ी बाधा न आए।

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