नासिक मनपा नौकरी घोटाला: बांध प्रभावित कोटे में जाली दस्तावेजों से भर्ती की साजिश, तीन पर मामला दर्ज
Nashik Municipal Job Fraud: नासिक में बांध प्रभावित कोटे से मनपा नौकरी पाने के लिए जाली दस्तावेज व फर्जी हस्ताक्षर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 3 संदिग्धों के खिलाफ केस दर्ज किया।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Fake Documents Recruitment( Source: Social Media )
Nashik Fake Documents Recruitment: नासिक मनपा में बांध प्रभावित कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने के लिए जाली दस्तावेजों और फर्जी हस्ताक्षरों के इस्तेमाल का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस धोखाधड़ी के संबंध में शहर के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक ही गांव के तीन संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता भीमा लक्ष्मण बेंडकोली (इंदिरानगर, नासिक) की पैतृक भूमि कश्यपी बांध के लिए अधिग्रहित की गई थी।
नियमानुसार, बांध प्रभावित के रूप में उनका नाम मनपा की नौकरी की ड्राफ्ट सूची में शामिल था। लेकिन आरोपियों ने मिलीभगत कर शिकायतकर्ता की जगह खुद की नियुक्ति कराने के लिए साजिश रची।
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पुलिस के अनुसार, इस मामले में सोमनाथ लक्ष्मण मोंढे, प्रवीण सुनील गायकवाड और मंगेश धोंडीराम पारधे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सादे कागज पर बनाया आपसी सहमति पत्र
वर्तमान में ये तीनों संदिग्ध महानगरपालिका के विभिन्न विभागों में कार्यस्त है, सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक सागर डगले मामले की विस्तृत जांच कर रहे है।
आरोपियों ने एक सादे कागज पर शिकायतकर्ता के नाम से फर्जी सहमति पत्र तैयार किया। इस दस्तावेज पर शिकायतकर्ता के जाली हस्ताक्षर कर उसे धयन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
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इस फर्जीवाड़े के आधार पर असली हकदार को नौकरी से वंचित रखा गया और उनकी जगह आरोपियों की नियुक्ति कर दी गई। यह पूरा घटनाक्रम 16 मार्च 2020 से 9 जून 2020 के बीच का बताया जा रहा है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और शिकायतकर्ता एक ही गांव के निवासी है।
