34 साल की हुई मुंबई की लेडीज स्पेशल, पश्चिम रेलवे पर शुरू हुई थी, पहली महिला लोकल
Mumbai Local History: मुंबई की पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन के 34 साल पूरे। 5 मई 1992 को पश्चिम रेलवे पर शुरू हुई इस सेवा ने मुंबई की कामकाजी महिलाओं का सफर आसान और सुरक्षित बनाया है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
लेडीज स्पेशल ट्रेन की पुरानी फोटो व यात्री महिलाए (सोर्स: फाइल फोटो)
Mumbai Ladies Special Train: मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई लोकल (ईएमयू) का इतिहास 100 साल से भी पुराना है। वर्ष 1925 में मुंबई में 4 डिब्बों की ई.एम.यू. सेवा बंबई वीटी (अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) से हार्बर लाइन पर कुर्ला तक चलाई गई थी। पश्चिम रेलवे पर पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन (ईएमयू) 1928 में कोलाबा और अंधेरी के बीच शुरू की गई। इसी तरह 1990 के दशक में मुंबई के दक्षिणी हिस्से में ज़्यादा इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ शुरू हुई। इसके साथ मुंबई में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ी। मुम्बई लोकल में महिला डिब्बा बढ़ाने के साथ महिला स्पेशल लोकल चलाने की आवश्यकता महसूस हुई।
5 मई को चली पहली महिला स्पेशल
कामकाजी महिलाओं के लिए समर्पित पहली महिला स्पेशल लोकल की शुरुआत 5 मई 1992 को पश्चिम रेलवे पर हुई। वेस्टर्न रेलवे ने 5 मई, 1992 को अपनी पहली लेडीज़ स्पेशल चर्चगेट से बोरीवली के बीच शुरू की। उसे साल 1993 में विरार तक बढ़ा दिया गया था।
पीक आवर में राहत
वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि लेडीज़ स्पेशल उन काम करने वाली महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हुई है, जिन्हें पहले रेगुलर ट्रेनों में लेडीज़ डिब्बे में चढ़ने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। लेडीज स्पेशल लोकल से पीक आवर में महिलाओं के लिए काफी राहत होती है। इन सालों में, न सिर्फ़ इन सर्विस की संख्या बढ़ी है, बल्कि लोकल ट्रेन के यात्रियों के बीच इनकी पॉपुलैरिटी भी बढ़ी है।
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महिलाओं के लिए ज़्यादा जगह
किसी अन्य लोकल डिब्बे में चढ़ने की सुविधा के अलावा, लेडीज़ स्पेशल ने सालों से अपनी महिला यात्रियों के बीच कम्युनिटी की भावना पैदा की है। इन सालों में उम्र या कम्युनिटी की परवाह किए बिना कई ट्रेन दोस्तियां बढ़ी हैं। रेगुलर यूज़र्स के लिए, इस डेडिकेटेड सर्विस का मतलब है कि वे इस ट्रेन में बने दोस्तों के साथ दिन भर की बातें शेयर कर सकते हैं।
ये ट्रेनें सिर्फ़ रेगुलर यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि सीनियर महिला यात्रियों, प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए भी फ़ायदेमंद हैं। कभी-कभी हालात ऐसे होते हैं कि ऐसे लोगों को पीक आवर्स में यात्रा करनी पड़ती है, चाहे वह मेडिकल हो या कोई और वजह। ऐसे यात्रियों के लिए दूसरी ट्रेनों में चढ़ना या उतरना मुमकिन नहीं होता, खासकर बीच के स्टेशनों से, इसलिए लेडीज़ स्पेशल उनके लिए यात्रा आसान बनाती हैं।
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10 लेडीज स्पेशल
इस समय वेस्टर्न रेलवे एक दिन में 10 लेडीज़ स्पेशल सर्विस चलाती है, जो सुबह और शाम के पीक आवर्स में UP और DOWN लाइनों के बीच चलती हैं। मंगलवार को महिलाओं ने लेडीज स्पेशल के 34 साल पूरा होने का जश्न भी मनाया। चर्चगेट स्टेशन पर महिला टीसी कर्मियों ने महिला यात्रियों को गुलाब के फूल देकर उनका स्वागत किया।
