नासिक मनपा चुनाव: महायुति में सीट बंटवारे पर पेंच, 22 दिसंबर को आ सकता है सीट बंटवारे पर फैसला
Nashik Elections: मनपा चुनाव में महायुति के भीतर सीट बंटवारा अब भी तय नहीं हो पाया है। मंत्री महाजन की अगुवाई में बैठकों का दौर जारी, BJP स्थानीय नेतृत्व स्वतंत्र चुनाव के पक्ष में झुका दिख रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
BJP Shiv Sena Shinde Faction News: नासिक मनपा चुनाव को लेकर महायुति (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और राष्ट्रवादी अजित पवार गुट) के बीच सीट बंटवारे की चर्चा अभी भी अनिर्णायक बनी हुई है। रविवार 21 दिसंबर की देर रात तक मंत्री गिरीश महाजन और गठबंधन के अन्य घटक दलों के बीच बैठकों का दौर चला।
संभावना है कि सोमवार 22 दिसंबर को सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन इस बीच भाजपा के स्थानीय नेतृत्व का झुकाव स्वतंत्र चुनाव लड़ने की ओर अधिक दिखाई दे रहा है।
कार्यकर्ताओं का बढ़ा आत्मविश्वास
राज्य में हाल ही में संपन्न हुए नगर परिषद चुनावों में भाजपा की शानदार सफलता ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया है। इसी स्थिति को भांपते हुए स्थानीय नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व से मांग की है कि मनपा चुनाव में भी पार्टी को अकेले ही मैदान में उतरना चाहिए, लेकिन ग्रामीण इलाकों और जिले के अन्य हिस्सों में अजित पवार गुट ने भी अपनी मजबूती दिखाई है।
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नेताओं का आग्रह बनाम स्थानीय विरोध
यद्यपि स्थानीय स्तर पर स्वतंत्र चुनाव लड़ने की मांग उठ रही है, लेकिन राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार गठबंधन को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
फिलहाल भाजपा की ओर से मंत्री गिरीश महाजन, शिवसेना की ओर से मंत्री दादा भुसे और राकां (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता इस गतिरोध को सुलझाने के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं।
बगावत का डर और उम्मीदवारों की दुविधा
- भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या 1100 के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में यदि गठबंधन के तहत कुछ सीटें दूसरे दलों को दी जाती हैं, तो पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर बगावत होने की आशंका है।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बगावत का सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिल सकता है। यही कारण है कि गठबंधन की घोषणा में देरी हो रही है।
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- दूसरी और, इच्छुक उम्मीदवारों में इस बात को लेकर असमंजस है कि वे गठबंधन के तहत लड़ेंगे या निर्दलीय मैदान में उतरेंगे।
- नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा नजदीक आ रही है, ऐसे में उम्मीदवारों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले, इसके लिए जल्द ही गठबंधन या सीटों के बंटवारे पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
