नासिक मनपा चुनाव: प्रचार थमा, अब मतदान की बारी: नासिक में बढ़ा राजनीतिक पारा
Political Analysis: नासिक महानगरपालिका चुनाव का प्रचार आज शाम समाप्त हो रहा है। 15 जनवरी के मतदान से पहले बगावत और आंतरिक मतभेदों ने मुकाबले को बेहद कड़ा बना दिया है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के प्रचार का आज शाम समापन हो रहा है। आगामी 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले शहर का राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है।
चुनाव की शुरुआत में भाजपा ने ‘100 प्लस’ का नारा देकर अपनी ताकत दिखाई थी, लेकिन जमीनी हकीकत अब काफी बदल चुकी है। टिकट वितरण में हुई बगावत, आंतरिक मतभेद और गठबंधन के पेंच ने इस मुकाबले को इतना कड़ा बना दिया है कि अब सटीक अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है।
बदलते समीकरण और कड़ी घेराबंदी
चुनाव का रुख शुरुआत में एकतरफा दिख रहा था, लेकिन समय के साथ समीकरण जटिल होते गए। भाजपा के आक्रामक प्रचार के जवाब में शिवसेना (ठाकरे गुट), मनसे, कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार गुट) ने आपसी तालमेल से कड़ी घेराबंदी की है।
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मित्र दल शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार गुट के गठबंधन ने कई वाडों में भाजपा के सामने अपने मजबूत उम्मीदवार उतारकर चुनौती पेश की है। 122 सीटों पर होने वाला यह चुनाव कहीं त्रिकोणीय, कहीं चतुष्कोणीय तो कहीं बहुकोणीय मुकाबले का रूप ले चुका है।
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18 वाडों में तो सीधी त्रिकोणीय जंग देखी जा रही है। भाजपा में टिकट वितरण के बाद उपजी नाराजगी को दूर करने के लिए मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक में तीन दिनों तक डेरा डाला। उन्होंने असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अंदरूनी कलह को शांत करने की कोशिश की। हालांकि, कुछ वार्डों में हुई बगावत का असर परिणामों पर पड़ने की आशका अभी भी बनी हुई है।
