प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका के आम चुनाव के लिए पिछले कई दिनों से चल रहा धुआंधार प्रचार आखिरकार मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। प्रचार के आखिरी दिन शहर के सभी प्रभागों में जबरदस्त हलचल देखने को मिली।
उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने बड़ी संख्या में रैलियां निकालकर मतदाताओं तक पहुंचने का अंतिम प्रयास किया। ढोल-ताशों की गूंज, नारों और पदयात्राओं के चलते चुनाव का अंतिम चरण काफी रोमांचक रहा।
31 प्रभागों की 122 सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में पूरे दिन रैलियों की आवाजाही बनी रही। डिजिटल स्क्रीन और झंडों से पूरा शहर चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
प्रचार थमने के आखिरी मिनट तक नेताओं ने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास किए। पिछले दस दिनों से जारी शोर-शराबे के बाद अब शांति बहाल हुई है, जिससे नागरिकों ने राहत महसूस की है।
प्रचार की आधिकारिक समय-सीमा समाप्त होते ही नगर निगम प्रशासन और चुनावी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो, इसके लिए शहर भर में लगाए गए प्रचार पोस्टर, बैनर और होर्डिंग हटाने की मुहिम युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी तरह का सार्वजनिक प्रचार दंडनीय अपराध माना जाएगा।
प्रचार शांत होने के बाद अब सभी की निगाहें 15 जनवरी को होने वाले मतदान पर टिक गई हैं। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है।
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संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उम्मीदवारों ने अब सार्वजनिक सभाओं के बजाय ‘डोर-टू-डोर’ और गुप्त बैठकों के जरिए वोटरों को साधने की रणनीति बनाई है।
पिछले कई दिनों से सड़कों पर लगे बड़े होर्डिंग और पोस्टरों के कारण यातायात में बाधाएं उत्पन्न हो रही थी। प्रशासन द्वारा इन फलकों को हटाए जाने के बाद शहर के मुख्य मार्ग अब साफ नजर आ रहे हैं। नासिक के मतदाता अब उस निर्णायक क्षण की ओर बढ़ रहे हैं, जब वे तय करेंगे कि अगले पांच साल के लिए सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी।