अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था अजीत का विमान, विमान सेवा प्रदाता पर लगे गंभीर आरोप
VSR Ventures Aircraft: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना की जांच में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, ब्लैकलिस्टेड कंपनी और एयरस्ट्रिप की गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है।
- Written By: आंचल लोखंडे
aviation safety violation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है, जिसने नागरिक उड्डयन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि जिस ‘वीएसआर वेंचर्स’ कंपनी के विमान का उपयोग अजीत पवार कर रहे थे, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही ब्लैकलिस्टेड थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने वीएसआर वेंचर्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर पहले ही गंभीर आपत्तियां दर्ज की थीं। कंपनी को ‘लेवल-1’ नोटिस जारी किया गया था, जिसका अर्थ है कि उसके विमानों में ऐसी तकनीकी खामियां पाई गई थीं, जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकती थीं।
आवश्यक सुरक्षा दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार
सितंबर 2023 में मुंबई में हुए एक हादसे के बाद जब कंपनी ने आवश्यक सुरक्षा दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार किया, तब उसके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। इसके बावजूद यह कंपनी भारत में अपनी सेवाएं कैसे संचालित कर रही थी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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हादसे से जुड़े तीन बड़े खुलासे
यूरोपीय सुरक्षा एजेंसी की जांच में तीन अहम तथ्य सामने आए हैं:
अनुभवी पायलट की कमी: मूल पायलट के ट्रैफिक में फंस जाने के कारण अंतिम समय में कैप्टन सुमित कपूर को उड़ान के लिए बुलाया गया। सवाल यह है कि क्या उन्हें उड़ान की पर्याप्त तैयारी का समय मिल पाया था।
लैंडिंग में विफलता: विशेषज्ञों का मानना है कि पहले प्रयास में लैंडिंग न हो पाना और दूसरे प्रयास में विमान का संतुलन बिगड़ना इंजन फेल होने या ‘अनस्टेबल फाइनल अप्रोच’ का संकेत देता है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद कंपनी द्वारा उड़ान संचालित करना पूरे विमानन तंत्र की बड़ी विफलता माना जा रहा है।
बारामती एयरस्ट्रिप पर सुरक्षा का घोर अभाव
जांच रिपोर्ट में बारामती एयरस्ट्रिप पर भी नौ गंभीर खामियों का उल्लेख किया गया है। यहां न तो रनवे मार्कर मौजूद थे और न ही ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ (ILS)। हादसे के समय दृश्यता मात्र 3,000 मीटर थी, जबकि सुरक्षित लैंडिंग के लिए कम से कम 5,000 मीटर दृश्यता आवश्यक होती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एयरस्ट्रिप पर न तो अग्निशमन दल था और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था। विमान के गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।
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ब्लैक बॉक्स से खुलेगा राज
28 जनवरी 2026 की सुबह 8:10 बजे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ बॉम्बार्डियर लिअरजेट-45 विमान सुबह 8:46 बजे लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान रनवे से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में गिर गया और धमाके के साथ आग की चपेट में आ गया।
विमान में अजीत पवार के साथ उनके सुरक्षा गार्ड विदीप जाधव, पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली सवार थे। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच राज्य अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी है, जबकि एएआईबी ब्लैक बॉक्स के जरिए उड़ान के अंतिम 26 मिनट की बातचीत का विश्लेषण कर रही है।
