प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik MPSC Exam: नासिक शहर में एक ओर जहां महानगरपालिका चुनाव का चुनावी पारा चढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर रविवार (11 जनवरी) को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ( एमपीएससी) की ग्रुप-सी सेवा संयुक्त पूर्व परीक्षा आयोजित की गई।
चुनावी शोर, लाउडस्पीकरों की गूंज और सड़कों पर निकलने वाली राजनीतिक रैलियों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ा।
आमतौर पर परीक्षार्थियों को एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी जाती है, लेकिन चुनाव के माहौल को देखते हुए आयोग ने इस बार डेढ़ घंटा पहले पहुंचने का निर्देश दिया था। आने वाले सप्ताह में मतदान होने के कारण रविवार की छुट्टी पर सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार रैलियों के साथ सड़कों पर उतरे थे।
समर्थकों की भीड़ और प्रचार वाहनों के कारण परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। शोर-शराबे के कारण परीक्षा के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में भी परेशानी हुई।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल पंजीकृत उम्मीदवार | 11,656 |
| उपस्थित परीक्षार्थी | 18,810 |
| अनुपस्थित (गैरहाजिर) | 2,846 |
| उपस्थिति प्रतिशत | लगभग 75% |
परीक्षा देकर निकले उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्र की कठिनाई पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। अधिकांश छात्रों के अनुसार सामान्य ज्ञान के प्रश्न तुलनात्मक रूप से कठिन थे। समय सीमा के भीतर सभी प्रश्नों को हल करना उम्मीदवारों के लिए किसी ‘तारे पर – चलने’ जैसी कसरत साबित हुआ। गणित और तार्किक क्षमता के प्रश्न मध्यम स्तर के थे, लेकिन सामान्य अध्ययन ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया।
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चुनावी गतिविधियों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने शहर के कुछ पारंपरिक परीक्षा केंद्रों को इस बार बदल दिया था। जिन स्कूलों या कॉलेजों के पास बड़ी राजनीतिक सभाएं या रैलियां प्रस्तावित थी, उन्हें परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर रखा गया था ताकि छात्रों को कम से कम असुविधा हो।