प्रचार रैलियों ने बिगाड़ा परीक्षार्थियों का ‘गणित’, चुनावी पारा चढ़ा, MPSC अभ्यर्थियों का बढ़ा तनाव
Election Campaign: नासिक में मनपा चुनाव प्रचार के बीच रविवार को हुई MPSC ग्रुप-सी परीक्षा में अभ्यर्थियों को ट्रैफिक, रैलियों और शोर के कारण समय पर पहुंचने व एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी हुई।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik MPSC Exam: नासिक शहर में एक ओर जहां महानगरपालिका चुनाव का चुनावी पारा चढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर रविवार (11 जनवरी) को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ( एमपीएससी) की ग्रुप-सी सेवा संयुक्त पूर्व परीक्षा आयोजित की गई।
चुनावी शोर, लाउडस्पीकरों की गूंज और सड़कों पर निकलने वाली राजनीतिक रैलियों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ा।
आमतौर पर परीक्षार्थियों को एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी जाती है, लेकिन चुनाव के माहौल को देखते हुए आयोग ने इस बार डेढ़ घंटा पहले पहुंचने का निर्देश दिया था। आने वाले सप्ताह में मतदान होने के कारण रविवार की छुट्टी पर सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार रैलियों के साथ सड़कों पर उतरे थे।
सम्बंधित ख़बरें
देशभर के छात्रों के लिए मौका, नागपुर यूनिवर्सिटी में CUET-PG से प्रवेश; 29 PG कोर्स राष्ट्रीय स्तर से जुड़े
नासिक का ढोंगी बाबा कमलेश महाराज गिरफ्तार: श्मशान में अघोरी पूजा और तंत्र-मंत्र के नाम पर लाखों की ठगी
नागपुर में खौफनाक हुआ मई का महीना: 28 दिन में 14 मर्डर; पिछले साढ़े 3 साल का टूटा रिकॉर्ड
सिकुड़ते जंगल, आबादी में तेंदुए: नागपुर में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना गंभीर चुनौती, सटीक आंकड़ों का अभाव
समर्थकों की भीड़ और प्रचार वाहनों के कारण परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। शोर-शराबे के कारण परीक्षा के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में भी परेशानी हुई।
आंकड़ों में परीक्षा की स्थिति
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल पंजीकृत उम्मीदवार | 11,656 |
| उपस्थित परीक्षार्थी | 18,810 |
| अनुपस्थित (गैरहाजिर) | 2,846 |
| उपस्थिति प्रतिशत | लगभग 75% |
कैसा रहा प्रश्नपत्र का स्तर ?
परीक्षा देकर निकले उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्र की कठिनाई पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। अधिकांश छात्रों के अनुसार सामान्य ज्ञान के प्रश्न तुलनात्मक रूप से कठिन थे। समय सीमा के भीतर सभी प्रश्नों को हल करना उम्मीदवारों के लिए किसी ‘तारे पर – चलने’ जैसी कसरत साबित हुआ। गणित और तार्किक क्षमता के प्रश्न मध्यम स्तर के थे, लेकिन सामान्य अध्ययन ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया।
यह भी पढ़ें:-प्रकृति की मार के बावजूद, नासिक जिले के अंगूरों ने भरी ‘विदेशी उड़ान’, किसानों को राहत
चुनावी गतिविधियों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने शहर के कुछ पारंपरिक परीक्षा केंद्रों को इस बार बदल दिया था। जिन स्कूलों या कॉलेजों के पास बड़ी राजनीतिक सभाएं या रैलियां प्रस्तावित थी, उन्हें परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर रखा गया था ताकि छात्रों को कम से कम असुविधा हो।
