डीपी रोड पर कब्जा कैसे? नासिक में अतिक्रमण विवाद गरमाया, विधानसभा में गूंजा अशोका हॉस्पिटल का मामला
Nashik Municipal Corporation Action: नासिक मध्य की विधायक ने विधानसभा में अशोका हॉस्पिटल के कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। DP रोड पर कब्जे व नगर रचना विभाग की भूमिका पर सवाल कर कार्रवाई की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Ashoka Hospital Encroachment ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Ashoka Hospital Encroachment: नासिक शहर में बढ़ते अनधिकृत निर्माणों और चर्चित अशोका हॉस्पिटल द्वारा किए गए अतिक्रमण का मुद्दा नासिक मध्य की विधायक देवयानी फररांद ने विधानसभा में मजबूती से उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजना (DP) के तहत आरक्षित सड़क पर ही हॉस्पिटल ने कब्जा कर रखा है, जिससे यातायात में भारी बाधा आ रही है। विधायक फरांदे ने सदन को बताया कि इंदिरानगर क्षेत्र में 30 मीटर के डीपी रोड के पास 23 मीटर का कैनाल रोड स्थित है।
शिकायत के बाद नगर निगम ने केवल हॉस्पिटल का प्रवेश द्वार गिराया, लेकिन जब सड़क की पैमाइश (मोजणी) की गई, तो पता चला कि 23 मीटर में से केवल 16 मीटर जगह ही मौके पर बची है।
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बाकी जमीन पर हॉस्पिटल का अवैध कब्जा है। फरांदे ने पूछा कि जब यह स्पष्ट अतिक्रमण था, तो नगर रचना विभाग के अधिकारियों ने इसे मंजूरी कैसे दी? उन्होंने उन अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने का ठेका निजी ठेकेदारों को दिया गया है, लेकिन कार्रवाई के अगले ही दिन फिर से अतिक्रमण हो जाता है।
जिससे जनता के पैसे का अपव्यय हो रहा है। अतिक्रमण के साथ-साथ फरांदे ने हॉकर्स जोन का मामला भी उठाया। अगस्त 2024 में चुनाव होने के बावजूद पथविक्रेता समिति का प्रस्ताव अब तक अधिसूचित नहीं हुआ है।
सरकार का जवाबः गठित होगी विशेष समिति
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधायक के सवालों का जवाब देते हुए घोषणा की। विभागीय जांच अशोका हॉस्पिटल मामले की जांच विभागीय आयुक्त को सौंपी गई है।
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अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसमें नगर निगम और पुलिस कमिश्नर शामिल होंगे, पथविक्रेता समिति के प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री के माध्यम से अगले 15 दिनों में अधिसूचित करने का प्रयास किया जाएगा।
सड़क खाली कराई जाए
प्रमुख आरोपी अशीका हॉस्पिटल (इंदिरानगर क्षेत्र)।
अतिक्रमण का दावा: 23 मीटर के कैनाल रोड पर अवैध कब्जा।
जांच अधिकारी: विभागीय आयुक्त, नासिक।
नई व्यवस्थाः कलेक्टर की अध्यक्षता में अतिक्रमण विरोधी हाई-पावर कमेटी।
प्रमुख मांगः दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज हो और सड़क पूरी तरह खाली कराई जाए।
