MHADA Housing Scam (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Housing Project Irregularities: नासिक के बहुचर्चित म्हाडा घोटाला मामले में कुल 197 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई ने विधान परिषद में दी। हालांकि मामला दर्ज हुए पंद्रह दिन बीत जाने के बावजूद अब तक केवल एक ही आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इतने बड़े घोटाले में कार्रवाई की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन पर “कार्रवाई या सिर्फ दिखावा?” जैसे सवाल उठने लगे हैं। इस बीच, मामले में 45 से अधिक बिल्डरों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है, जिससे संभावित गिरफ्तारी के डर से संबंधित लोगों में हड़कंप मच गया है। बड़ी संख्या में आरोपियों के सामने आने के बावजूद पुलिस कार्रवाई सुस्त क्यों है, यह अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम नागरिकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान मंत्री शंभूराज देसाई ने स्पष्ट किया कि समावेशी आवास योजना के तहत नासिक महानगरपालिका क्षेत्र के प्रकल्पों में हुई अनियमितताओं में 197 आरोपियों के नाम सामने आए हैं और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच को प्राथमिकता दी गई है और आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे पर सदस्य प्रवीण दरेकर ने सरकार से जवाब मांगा। चार हजार वर्गमीटर से बड़े आवासीय प्रकल्पों में 20 प्रतिशत घर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है, लेकिन कुछ डेवलपर्स ने म्हाडा के हिस्से की आवासीय इकाइयां और भूखंड देने का विरोध किया।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि नासिक पुलिस आयुक्त से चर्चा कर आरोपियों की जांच, संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तारी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके बावजूद अब तक केवल एक गिरफ्तारी होने से जांच की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 197 आरोपियों पर मामला दर्ज हो चुका है, तो बाकी पर कार्रवाई कब होगी। प्रशासन के अगले कदम पर पूरे नासिक की नजर टिकी हुई है।