ASHOK KHARAT (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Court Police Custody: महिलाओं पर यौन हमले के एक मामले में आरोपी अशोक खरात को नासिक की अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकीलों ने अदालत से उसकी 7 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि पुलिस कस्टडी बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने खरात को 29 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार अशोक खरात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार शाम तक उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हो चुके थे। आरोप है कि खरात ने नासिक स्थित अपने कार्यालय में शादी से पहले और बाद में महिलाओं को प्रताड़ित किया। एक पीड़िता की शिकायत पर सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
नासिक पुलिस की अपील के बाद कई अन्य पीड़ित महिलाएं भी सामने आकर शिकायत दर्ज करा रही हैं। खरात की पुलिस कस्टडी समाप्त होने पर उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसकी पुलिस कस्टडी 29 मार्च तक बढ़ाने का आदेश दिया।
स्पेशल पुलिस स्क्वॉड के अधिकारी सूर्यवंशी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात खुद को ‘सिद्ध पुरुष’ बताता था और उसके पास आने वाली महिलाओं को पीने के लिए विशेष पानी देता था। सरकारी वकीलों के अनुसार, जांच के दौरान 6.53 लाख रुपये नकद और एक लैपटॉप जब्त किया गया है। इसके अलावा खरात के फार्महाउस से पिस्तौल के 5 खाली शेल भी मिले हैं।
सरकारी पक्ष ने अदालत में यह भी संदेह जताया कि आरोपी ने मानव बलि जैसी गतिविधियां भी की हो सकती हैं। बताया गया कि वह लोगों को बाघ और सांप दिखाकर डराता था और हिरण से प्राप्त काली-सफेद कस्तूरी देने का दावा करता था। इस मामले में फॉरेस्ट एक्ट लगाए जाने की संभावना भी जताई गई है। साथ ही, ईशानेश्वर मंदिर में की जाने वाली कथित ‘सिद्ध पूजा’ की जांच अभी लंबित है।
ये भी पढ़े: Akola News: जय अंबे माता संस्थान में पु. शास्त्री जनक जोशी द्वारा श्रीमद् देवी भागवत कथा आयोजित
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में कहा कि मामले में पेन ड्राइव का कहीं भी उल्लेख नहीं है और SIT की जांच भी पूरी हो चुकी है। अब तक कोई अतिरिक्त दस्तावेज जब्त नहीं हुए हैं, इसलिए पुलिस कस्टडी बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।