Chhagan Bhujbal Statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik LPG Shortage: नासिक शहर में व्यावसायिक एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल व्यवसायियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसका सीधा असर खाद्य व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है।
फिलहाल कई होटल, रेस्टोरेंट और खानावली बचे हुए गैस स्टॉक के सहारे किसी तरह अपना कारोबार चला रहे हैं। होटल व्यवसायी संगठनों के अनुसार, यदि गैस आपूर्ति की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आने वाले दो दिनों में शहर के लगभग 20 प्रतिशत होटल अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ सकती है।
पिछले कुछ दिनों से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अनियमित होने के कारण होटल संचालकों को रोजाना भोजन व्यवस्था चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने से होटलों ने अपने मेन्यू सीमित कर दिए हैं, जबकि कुछ जगहों पर ग्राहकों की संख्या कम कर कामकाज जारी रखा गया है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के होटल व्यवसायियों पर इसका सबसे अधिक आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
इस मामले में छगन भुजबल ने प्रतिक्रिया देते हुए गैस की कमी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है और दुनियाभर में गैस आपूर्ति का संकट पैदा हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार और गैस उत्पादक कंपनियों को पत्र भेजकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
भुजबल ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कारण व्यावसायिक गैस की आपूर्ति पर सीमाएं लगाई गई हैं और राज्य सरकार के लिए तत्काल बड़े स्तर पर हस्तक्षेप करना संभव नहीं है। होटल व्यवसायियों से वैकल्पिक रूप से केरोसीन के उपयोग का सुझाव दिया गया था, लेकिन व्यवसायियों का कहना है कि इसके लिए पूरी रसोई व्यवस्था बदलनी पड़ेगी, जो फिलहाल संभव नहीं है।
इस बीच गैस सिलेंडरों की संभावित कालाबाजारी रोकने के लिए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। हर वितरक और विक्रेता की सख्त जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं। गैस की कमी का असर होटल उद्योग के साथ-साथ कैटरिंग, ढाबों, कैंटीन और लघु उद्योगों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो रोजगार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
व्यवसायियों ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में शहर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने बताया कि गैस आपूर्ति को सुचारु करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर प्रयास जारी हैं तथा व्यवसायियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।