7 साल में एक इंच भी नहीं बढ़ा 836 करोड़ का कल्याण-मुरबाड रेलवे प्रोजेक्ट, जानिए सदन में रेल मंत्री ने क्या कहा

Kalyan-Murbad Railway Project: कल्याण-मुरबाड रेल प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण और बढ़ती लागत के कारण अधर में है। सांसद सुरेश म्हात्रे ने लोकसभा में आवाज उठाई। जानिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा।
Ashwini Vaishnav's statement on Kalyan Murbad Railway Project delay, cost overruns, and land acquisition issues
सांसद सुरेश म्हात्रे व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
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Ashwini Vaishnav On Kalyan-Murbad Railway Project: मुंबई के बाहर ठाणे, पालघर, रायगड़ जिलों में तेजी से बढ़ी आबादी के साथ आवागमन के विभिन्न संसाधनों पर तेजी से काम हो रहे हैं। इनमें सबसे सस्ते व सुलभ यातायात साधनों में उपनगरीय रेलवे का नाम लिया जाता है। मुंबई एमएमआर में रेल मंत्रालय व महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त सहयोग से मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन के माध्यम से उपनगरीय सेवाओं को विस्तार दिया जा रहा है। एमएमआर में रेलवे के प्रमुख केंद्र कल्याण को मुरबाड़ से जोड़ने के लिए मार्च 2019 में ही मंजूर कल्याण-मुरबाड रेलवे प्रोजेक्ट का एक इंच का काम आगे नहीं बढ़ पाया है।

लटका है भूमि अधिग्रहण

वर्षों से मंजूर हुए कल्याण-मुरबाड बहुउद्देश्यीय रेलवे प्रोजेक्ट में मुख्य बाधा जमीन अधिग्रहण की आ रही है। लगभग 28 किमी के कल्याण- मुरबाड रेल प्रोजेक्ट में लगभग 350 से 400 एकड़ निजी जमीनों का अधिग्रहण करना है,परंतु रेट को लेकर किसानों का विरोध व अन्य मुद्दों पर जमीन का अधिग्रहण ही नहीं हो पाया है। भिवंडी लोकसभा के अंतर्गत आने वाले मुरबाड में रेलवे के माध्यम से स्थानीय विकास को गति देने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा लगातार मांग उठाते रहे हैं। इस बजट सत्र में भी सांसद सुरेश म्हात्रे ने लोकसभा में कल्याण-मुरबाड रेलवे परियोजना में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को भी इसमें पूरा सहयोग करना होगा। इसके लिए एक सयुंक्त समिति की आवश्यकता है, ताकि जल्द इस प्रोजेक्ट को गति मिल सके।

परियोजना की बढ़ रही लागत

उल्लेखनीय है कि 28 किमी लंबे 5 स्टेशनों वाले कल्याण मुरबाड रेल प्रोजेक्ट की लागत पहले 836 करोड़ आंकी गई थी। हालांकि संसद में स्वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद सुरेश म्हात्रे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि भिवंडी कल्याण मुरबाड के लिए यह रेल प्रोजेक्ट बहुत जरूरी है,लेकिन भूमि अधिग्रहण में समस्या हुई है।

रेल मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट 836 करोड़ का था। जबकि इस रूट पर ज्यादा शहरीकरण होने से अब भूमि अधिग्रहण की कॉस्ट 1400 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। रेल मंत्री आश्विनी वैष्णव ने कहा कि सांसद के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी प्रयास कर रहे हैं। यदि भूमि अधिग्रहण जल्दी होता है तो प्रोजेक्ट शुरू होने में देर नहीं लगेगी। ठाणे जिले के मुरबाड के माध्यम से नगर जिले को भी यह रेल परियोजना जोड़ सकेगी। जिसमें टिटवाला के माध्यम से नई रेल लिंक का प्रस्ताव है।

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