नासिक जिले में भूमि अधिग्रहण के विरोध में ‘बाधित शेतकरी संघर्ष यात्रा’, मिला जोरदार समर्थन
Nashik Land Acquisition नासिक जिले में भूमि अधिग्रहण के विरोध में ‘बाधित शेतकरी संघर्ष यात्रा’ को किसानों का जोरदार समर्थन मिला, प्रशासन पर दबाव और उचित मुआवजे की मांग तेज हुई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Badhit Shetkari Sangharsh Yatr (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Farmers Protes: नासिक जिले में विकास कार्यों और कुंभ मेले की पृष्ठभूमि पर एमआईडीसी के नाम पर चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में किसानों में तीव्र असंतोष देखा जा रहा है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान प्रशासन की ओर से दबाव और दमन का वातावरण बनाया जा रहा है। इसी के विरोध में रविवार, 22 फरवरी को सुबह 9 बजे आडवण पारदेवी स्थित ग्रामदैवत हनुमान मंदिर से ‘बाधित शेतकरी संघर्ष यात्रा’ की शुरुआत की गई।
इस यात्रा की जानकारी प्रकल्पग्रस्त शेतकरी संघटना के अध्यक्ष साहेबराव दातीर ने दी। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की जमीन एमआईडीसी, सड़कों और अन्य परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन किसानों को उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिल रहा है। कई किसान न्यायालय में गुहार लगा रहे हैं, फिर भी अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आगामी आंदोलन की दिशा तय
संघर्ष यात्रा आडवण पारदेवी से शुरू होकर साकूर मार्ग होते हुए चिंचोली, मखमलाबाद, अंबड, सातपुर, राजूर बहुला, त्र्यंबकेश्वर, घोटी और अहुर्ली मार्ग से पुनः आडवण पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के माध्यम से जिलेभर के प्रभावित किसानों को एकजुट कर आगामी आंदोलन की दिशा तय करने का निर्णय लिया गया।
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किसान बड़ी संख्या में शामिल
इस आंदोलन में आडवण पारदेवी शेतकरी कृती समिति एवं प्रकल्पग्रस्त शेतकरी कृती समिति के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा में शांताराम फडोळ, ज्ञानेश्वर कोकणे, तुकाराम कोकणे, नामदेव कोकणे, हरिश्चंद्र शेलार, विष्णू कोकणे, संतोष शेलार, नवनाथ कोकणे, विजय बरकले, ज्ञानेश्वर गटकळ, सोपान परदेशी, सावकार कोकणे, हेमंत दातीर, विष्णू दातीर, गोरख दातीर, सुखदेव दातीर, संजय ढोकणे, हिरामण दातीर सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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साहेबराव दातीर ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने इस संघर्ष यात्रा की गंभीरता से दखल नहीं ली और किसानों को न्याय नहीं मिला, तो जल्द ही नासिकसे मुंबई या दिल्ली तक ट्रैक्टर मोर्चा निकाला जाएगा। प्रभावित किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
