रिश्वतखोरी से नरहरी झिरवल ने झाड़ा पल्ला, डीसीएम सुनेत्रा ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत
Narhari Jhirwal: एफडीए रिश्वतखोरी मामले में मंत्री नरहरी झिरवल ने खुद को निर्दोष बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Narhari Jhirwal bribery case (सोर्सः सोशल मीडिया)
FDA Maharashtra Scam: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में मचे घमासान और ‘कोडिंग’ की भाषा में मांगी गई रिश्वत के खुलासे ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में घिरे कैबिनेट मंत्री नरहरी झिरवल ने खुद को पीड़ित बताते हुए पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सहयोगी कर्मचारियों की निंदनीय हरकत से उनकी छवि खराब हुई है। दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी की प्रतिष्ठा के अनुरूप काम करने की सख्त हिदायत दी है।
हाल ही में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ था कि मंत्री झिरवल के मुंबई स्थित मंत्रालय कार्यालय में उनके निजी सहायक (पीए) रामदास गाडे और क्लर्क राजेंद्र ढेरिंगे मेडिकल दुकानदारों से लाखों रुपये की रिश्वत वसूल रहे थे और इसके लिए सांकेतिक भाषा (कोडिंग) का इस्तेमाल किया जा रहा था।
35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
रिपोर्टों के अनुसार, एफडीए के निरीक्षक किसी मेडिकल स्टोर में खामियां मिलने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर देते हैं। इस निलंबन के खिलाफ अपील सुनने का अधिकार मंत्री के पास होता है, लेकिन आरोप है कि यह अपील मंत्री के बजाय उनके कर्मचारी गाडे और ढेरिंगे सुनते थे और इसी दौरान रिश्वत मांगी जाती थी। इसी मामले में एसीबी ने क्लर्क ढेरिंगे को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
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जांच में सच आएगा सामने
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नरहरी झिरवल ने कहा, “जिसने भी शिकायत की है, वह मेरा दुश्मन नहीं है। उसे तकलीफ हुई इसलिए उसने इसे उजागर किया। जांच जारी है और जो भी हुआ, वह सच जांच के बाद सामने आएगा।”
झिरवल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में उनका नाम सामने आया तो वे मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, “मेरे विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते पकड़ा गया, यह मेरी भी जिम्मेदारी है। हम इस कृत्य को नजरअंदाज नहीं करेंगे।”
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‘पार्टी की छवि का रखें ख्याल’
इस मामले में राकांपा के विधायकों की बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पहले ही मंत्री झिरवल के सामने अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी और पार्टी की छवि का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के कारण पार्टी को बदनामी न हो, इसके लिए हर संभव सावधानी बरती जाए।
