15 साल बाद नवी मुंबई मेट्रो-2 प्रोजेक्ट को हरी झंडी, 5,575 करोड़ रुपये से बनेगी नई लाइन

CIDCO Navi Mumbai Metro Project: करीब 15 साल के इंतजार के बाद राज्य सरकार ने नवी मुंबई में दूसरी मेट्रो लाइन को मंजूरी दे दी है। 8.15 किलोमीटर लंबी यह मेट्रो तलोजा से खंडेश्वर तक बनेगी।
मुंबई मेट्रो लाइन-2 (pic credit; social media)
मुंबई मेट्रो लाइन-2 (pic credit; social media)
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Navi Mumbai Metro 2: 15 साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद राज्य सरकार ने आखिरकार नवी मुंबई में दूसरी मेट्रो को मंजूरी दे दी है। सिडको ने 15 साल पहले यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के सामने पेश किया था, लेकिन इस साल के बजट में इसके लिए 5,575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे नवी मुंबई में कई जगहों को कनेक्टिविटी मिलेगी और भविष्य में इसे नवी मुंबई एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है।

8.15 किलोमीटर लंबी लाइन

यह 8.15 किलोमीटर लंबी लाइन तलोजा और खांदेश्वर के बीच बनेगी, यह लाइन कामोठे, कलंबोली और तलोजा जैसे शहरों को कनेक्टिविटी देगी। इससे पनवेल इलाके में भी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस मेट्रो के पूरा होने के बाद, नवी मुंबई शहर में रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट जैसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं मिलेंगी। इस मेट्रो का प्रस्ताव सबसे पहले 2011 में सिडको ने पेश किया था। उस समय इस लाइन की लागत 1,605 करोड़ रुपये होने की उम्मीदथी लेकिन 15 साल में यह खर्च 5,575 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके निर्माण से यात्रा सुगम होगी।

इन स्थानों पर बनाए जाएंगे स्टेशन ?

तलोजा-खंडेश्वर मेट्रो लाइन पर कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं, यह लाइन कामोठे, कलंबोली, तलोजा एमआईडीसी और खंडेश्वर से होकर गुजरेगी। इस लाइन पर आठ स्टेशन प्रस्तावित है, खंडेश्वर, कामोठे सेक्टर 10। कलंबोली सेक्टर 2ई, कलंबोली सेक्टर 7 ई, कलंबोली सेक्टर 13, कडाडी, एमआईडीसी स्टेशन 1, एमआईडीसी स्टेशन 2। अभी नवी मुंबई में बेलापुर से पेंढर मेट्रो लाइन है। नवी मुंबई मेट्रो 2 को सीधे इस लाइन से जोड़ने का भी प्रस्ताव है।

हर दिन आते जाते हैं हजारों की

मेट्रो 1 और मेट्रो 2 को जोड़ने के लिए 2.2 किलोमीटर एक्सटेंशन की जरूरत होगी, जिसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। इस बीच, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 2 किलोमीटर लंबी स्पर लाइन से सीधे जोड़ने का प्रस्ताव है। पता हो कि तलोजा एमआईडीसी इलाके में हर दिन हजारों कर्मचारी आते-जाते हैं।

इस इंडस्ट्रियल सेंटर तक आने-जाने के लिए लोगों को बस या लोकल से सफ़र करना पड़ता है। इससे लोगों को रोजाना लोकल ट्रेनों की भीड़ और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। मेट्रो लाइन खुलने के बाद इस इलाके की इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा।

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