Republic Day protest Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Jan Aakrosh Mahamorcha: नासिक शहर में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से जन आक्रोश महामोर्चा निकाला। गणतंत्र दिवस के अवसर पर संविधान के कथित अपमान और पालकमंत्री गिरीश महाजन द्वारा अपने भाषण में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नाम का उल्लेख न किए जाने के विरोध में फुले-शाहू-अंबेडकरवादी विचारधारा के समर्थकों ने यह मोर्चा निकाला।
मोर्चे की शुरुआत नासिकरोड स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और संविधान वाचन के साथ हुई। यह विशाल मोर्चा शिवाजी महाराज प्रतिमा, नासिकरोड पुलिस स्टेशन, बिटको चौक, दत्त मंदिर चौक, उपनगर और द्वारका होते हुए शालिमार पहुँचा, जहाँ डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को अभिवादन करने के बाद इसे एक सभा में परिवर्तित कर दिया गया।
इस प्रदर्शन में नगरसेवक रमेश धोंगडे, पूर्व नगरसेवक जगदीश पवार, असलम मणियार, हरीश भडांगे, सुधाकर जाधव, रामबाबा पठारे और नयना वाघ सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में “भारतीय संविधान का विजय हो”, “जातिवाद धोखा है” और पालकमंत्री के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।
जन आक्रोश महामोर्चा नासिकरोड से निकलने के कारण नासिक-पुणे महामार्ग पर दोनों ओर का यातायात काफी समय तक बाधित रहा। मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से पुलिस को यातायात सुचारू करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. सचिन बारी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों के मार्गदर्शन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभा के दौरान वक्ताओं ने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और महापुरुषों के सम्मान को लेकर प्रशासन को कड़ा संदेश दिया।