Nashik IT Company Project Shutdown (फोटो क्रेडिट-X)
Nashik IT Company Project Shutdown: महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय आईटी (IT) कंपनी के भीतर सामने आए यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के “भयावह” मामले के बाद अब एक और बड़ा अपडेट सामने आया है।
इस मामले की गंभीरता और बढ़ते कानूनी दबाव को देखते हुए, कंपनी प्रबंधन ने नासिक में अपने प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद कंपनी के कामकाज पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है और सैंकड़ों कर्मचारियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
प्रबंधन के इस आकस्मिक फैसले के बाद नासिक स्थित यूनिट के कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए हैं: या तो वे मुंबई या पुणे स्थित कंपनी की अन्य शाखाओं में स्थानांतरित (Transfer) हों, या फिर इस्तीफा देकर नई नौकरी की तलाश करें। इस स्थिति ने स्थानीय कर्मचारियों के सामने पलायन या बेरोजगारी की गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। विशेष रूप से वे कर्मचारी, जो पारिवारिक कारणों से शहर नहीं छोड़ सकते, अब अधर में लटके हुए हैं।
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विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई में अब तक कंपनी की मानव संसाधन प्रमुख (HR Head) अश्विनी चैनानी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पिछले चार वर्षों से इस कंपनी के भीतर एक संगठित गिरोह सक्रिय था। हिंदू महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनका यौन शोषण किया जाता था और उन्हें जबरन नमाज पढ़ने व मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता था।
जैसे-जैसे “कॉर्पोरेट जिहाद” की परतें खुल रही हैं, विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि इस मामले के तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसियां भी गुप्त रूप से इस प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं। यह संदेह जताया जा रहा है कि आईटी सेक्टर की आड़ में एक सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का रैकेट चलाया जा रहा था।
वर्तमान में कंपनी परिसर में बाहरी लोगों और कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा SIT के गठन और सख्त रुख अपनाने के बाद प्रबंधन ने विवाद से बचने के लिए नासिक से अपना बोरिया-बिस्तर समेटना ही बेहतर समझा है। हालांकि, इस फैसले ने उन निर्दोष कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं जिनका इस कांड से कोई लेना-देना नहीं था।