नासिक कॉर्पोरेट जिहाद को लेकर उद्धव गुट ने 'सामना' से BJP पर साधा निशाना, पूछा- ढोंगी बाबाओं पर चुप्पी क्यों?

Nashik TCS Case: नासिक में 'कॉर्पोरेट जिहाद' के आरोपों के बाद शिवसेना (UBT) ने 'सामना' के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी ने अशोक खरात मामले का हवाला देते हुए दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
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उद्धव ठाकरे (सोर्स: साेशल मीडिया)
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Shiv Sena UBT On Nashik Corporate Jihad: महाराष्ट्र की राजनीति में 'हिंदुत्व' की परिभाषा और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नासिक की एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सामने आए 'कॉर्पोरेट जिहाद' के आरोपों के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए सत्ताधारी दल और हिंदुत्ववादी संगठनों पर कड़ा प्रहार किया है।

क्या है 'कॉर्पोरेट जिहाद' का मामला?

दरअसल, नासिक की एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के मुस्लिम कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी हिंदू महिलाओं को नौकरी का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे, उनका यौन शोषण करते थे और कथित तौर पर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे। इस घटना के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नितेश राणे और गोपीचंद पडलकर जैसे नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया और इसे 'लव जिहाद' का एक नया और खतरनाक स्वरूप करार दिया।

'सामना' ने उठाए दोहरे मापदंड पर सवाल

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय में सवाल उठाया कि जब आरोपी मुस्लिम होता है, तो उसे 'जिहाद' का नाम देकर सड़कों पर मोर्चे निकाले जाते हैं और SIT की मांग की जाती है। लेकिन जब वही कुकृत्य किसी हिंदू 'ढोंगी बाबा' द्वारा किया जाता है, तो ये संगठन खामोश क्यों हो जाते हैं? संपादकीय में लिखा गया है कि महाराष्ट्र में हिंदुत्ववादियों की एक ऐसी नई पीढ़ी पैदा हुई है, जो चुनाव के मौसम में प्रखर हिंदुत्व का चोला ओढ़ लेती है। यदि किसी मुस्लिम का प्रेम प्रसंग हाथ लग जाए तो ये लोग चटकारे लेते हैं, लेकिन अशोक खरात जैसे ढोंगी बाबाओं के अत्याचार पर इनका मुंह सिल जाता है।

अशोक खरात और एरंडे केस का जिक्र

सामना ने नासिक की ही धरती पर हुए अशोक खरात और एरंडे मामले का हवाला दिया, जहां महिलाओं के शोषण और अत्याचार के गंभीर आरोप लगे थे। संपादकीय के अनुसार, इन घटनाओं ने अनगिनत महिलाओं के घर उजाड़ दिए, लेकिन उस समय हिंदुत्ववादी संगठनों की 'शंखनाद' करने वाली आवाजें गायब थीं। शिवसेना ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के 'भोंदू बाबा' केवल राजनीतिक लाभ के लिए 'हिंदुत्व खतरे में है' का नारा बुलंद करते हैं।

लेख के अंत में शिवसेना ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचार कम से कम 'धर्मनिरपेक्ष' होने चाहिए। यानी, अपराधी चाहे किसी भी धर्म का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई और आक्रोश एक समान होना चाहिए। 'सामना' ने तंज कसा कि आज नासिक की गोदावरी में ढोंगी हिंदुत्ववादियों के पापकर्म अधिक तैरते दिखाई दे रहे हैं।

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