नासिक में बन रहा उत्तर महाराष्ट्र का सबसे ऊंचा इस्कॉन मंदिर, 15 करोड़ की लागत से 5 मंजिला भव्य निर्माण

Radha Madan Gopal: नासिक के द्वारका में 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 5 मंजिला श्री श्री राधा मदन गोपाल मंदिर तेजी से आकार ले रहा है। यह उत्तर महाराष्ट्र का सबसे ऊंचा इस्कॉन मंदिर होगा।
North Maharashtra's tallest ISKCON temple is being built in Nashik a grand five-story structure costing ₹15 crore.
नासिक इस्कॉन मंदिर, (सोर्स सोशल मीडिया)
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ISKCON Nashik Temple Project: आध्यात्मिक नगरी नासिक के द्वारका क्षेत्र स्थित वृंदावन कॉलोनी में अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) की ओर से उत्तर महाराष्ट्र के सबसे ऊंचे और भव्य 'श्री श्री राधा मदन गोपाल मंदिर' का निर्माण कार्य पूरी गति के साथ चल रहा है। लगभग 50 हजार वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में और 15 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाई जा रही यह 5 मंजिला भव्य इमारत नासिक के आध्यात्मिक वैभव को एक नया और अलौकिक आयाम प्रदान करने जा रही है।

इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष कृष्णाधन प्रभु ने बताया कि इस आधुनिक इमारत की संरचना बेहद जनोपयोगी और व्यवस्थित होगी- भूतलः यहां आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों की सुगमता के लिए एक विशाल वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

पहला तलः इस मंजिल पर 1,000 से अधिक श्रद्धालुओं की एक साथ क्षमता वाला एक भव्य और मुख्य दर्शन हॉल बनाया जा रहा है।

दूसरा तलः यहां 800 से 1,000 लोगों के लिए एक विशाल निशुल्क महाप्रसाद हॉल की अनूठी व्यवस्था की गई है।

अध्यात्म के साथ-साथ सराहनीय सामाजिक योगदान

तीसरा व अन्य तलः इन ऊपरी मंजिलों पर भव्य बैंक्वेट हॉल, 'गोविंद रेस्टोरेंट' और आगंतुकों के लिए अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इस्कॉन नासिक केवल धार्मिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज कल्याण के क्षेत्र में भी एक मिसाल पेश कर रहा है।

संस्था की ओर से प्रतिमाह 40,000 से अधिक और वार्षिक रूप से 4.8 लाख से ज्यादा जरूरतमंदों को सात्विक महाप्रसाद का नियमित वितरण किया जाता है। इसके अलावा, 'बालगोपाल फन स्कूल', 'समृद्धि स्कूल', युवाओं के लिए 'प्रेरणा' और युवतियों के लिए 'चेतना' कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों व युवाओं में व्यक्तित्व विकास (पर्सनालिटी डेवलपमेंट) और व्यसन मुक्ति जैसे सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

देसी गोवंश संवर्धन के लिए गोशाला बनेगी

संस्था द्वारा प्रतिवर्ष 25,000 भगवद्गीता का वितरण, 'विद्या विनय गुरुकुल' का संचालन और मखमलाबाद रोड पर देसी गोवंश संवर्धन के लिए एक आधुनिक गौशाला भी पूरी तन्मयता से चलाई जा रही है।

खास बात यह है कि यह केंद्र भूखमरी उन्मूलन (एसडीजी 2) और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (एसडीजी 4) जैसे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

सिंहस्थ मेले को लेकर विशेष तैयारी

आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मेले के आयोजन से पहले मंदिर की शुरुआती दो मंजिलों का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भगवान के दिव्य दर्शन और अन्य सभी सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।

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