

Devshayani Ekadashi Diya Upay:आज देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। सनातन धर्म में इस एकादशी व्रत का बड़ा महत्व है। क्योंकि, इसी पवित्र तिथि से भगवान श्री हरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा यानी विश्राम करने चले जाते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है। चातुर्मास के शुरू होने के साथ ही शुभ और मांगलिक कामों पर रोक भी लग जाती है। इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु के साथ माता तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है।
देवशयनी एकादशी पर तुलसी के पास विधि-विधान से घी का दीपक जलाने और मंत्र जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर देवशयनी एकादशी के दिन आपको दीपक जलाने चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर होती है और सकारात्मकता आपके जीवन में आती है।
आज आपको तुलसी के पास भी एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए और तुलसी की 3 या 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आ सकती है। हालांकि इस बात का ख्याल रखें कि गलती से भी तुलसी को न छुएं और ना ही एकादशी के दिन तुलसी पर जल अर्पित करें।
देवशयनी एकादशी के दिन घर के किचन में भी आपको दीपक जलाना चाहिए ऐसा करने से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती। इसके साथ ही देवशयनी एकादशी के दिन आपको पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाते हैं तो शुभ फल आपको मिल सकते हैं।
देवशयनी एकादशी के दिन पीपल में भगवान विष्णु का वास माना जाता है इसलिए इस रात को पीपल के पेड़ के नीच दीपक जरूर जलाना चाहिए। ऐसा करना पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुंडली में सभी तरह के दोष दूर होते हैं। साथ ही घर के सभी सदस्यों की उन्नति होती है और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।