Ambad industrial area Nashik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Satpur Industrial Area Nashik: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण औद्योगिक और व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों से उद्योग जगत संकट में आ गया है। देशभर में गैस की कमी के चलते गैस पर निर्भर उद्योग गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं।
नासिक के सातपुर और अंबड औद्योगिक क्षेत्रों में प्लेटिंग, सरफेस कोटिंग, पाउडर कोटिंग और स्टील प्रोसेसिंग जैसे उद्योगों में गैस का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। गैस की कमी के कारण यहां की लगभग 500 हीट ट्रीटमेंट और पाउडर कोटिंग इकाइयां एलपीजी आपूर्ति न मिलने पर बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
इन छोटे उद्योगों के बंद होने से बड़े उद्योगों को आवश्यक कलपुर्जों (पार्ट्स) की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसका असर उद्यमियों के साथ-साथ इन इकाइयों में कार्यरत हजारों श्रमिकों पर भी पड़ेगा। आशंका जताई जा रही है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो श्रमिकों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है और कई लोगों को पलायन करना पड़ सकता है। गैस की कमी के कारण कई उद्योगों ने उत्पादन कम कर दिया है, जबकि कुछ इकाइयों में मशीनें बंद करने की नौबत आ गई है।
इस स्थिति को देखते हुए नासिक के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आपूर्ति अधिकारियों से चर्चा की। उद्यमियों ने मांग की कि उद्योगों को पूरी तरह बंद होने से बचाने के लिए एलपीजी का एक निश्चित कोटा उद्योगों के लिए आरक्षित रखा जाए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देकर ही गैस वितरण किया जा रहा है।
नासिक जिले के उद्योगों को हर महीने लगभग 1,200 टन एलपीजी की आवश्यकता होती है, जबकि होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को करीब 2,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की जाती है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण इस आपूर्ति पर फिलहाल कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। साथ ही संभावित कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष निगरानी टीमों की नियुक्ति के आदेश भी दिए हैं।
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आशिष नहार, अध्यक्ष, निमा (NIMA) ने कहा कि घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने के लिए औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में एलपीजी आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाए जाने से उद्योगों में चिंता का माहौल है। इससे कई सहायक उद्योगों के बंद होने की भी आशंका है।
वहीं राजेंद्र पानसरे, अध्यक्ष, आयमा (AIMA) ने कहा कि सातपुर और अंबड की कोटिंग तथा प्रोसेसिंग इकाइयों में गैस का अत्यधिक उपयोग होता है। एलपीजी की कमी के कारण अगले एक-दो दिनों में लगभग 400 उद्योग बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा और श्रमिकों की छंटनी की नौबत आ सकती है।