‘नासिक फाइल्स’ पर गंभीर मंथन, कॉर्पोरेट संस्कृति, महिला सुरक्षा और धर्मांतरण मुद्दों पर परिसंवाद में उठी चिंता
Nashik Files: नासिक में आयोजित 'केरला स्टोरी टू नासिकस्टोरी' परिसंवाद में कॉर्पोरेट संस्कृति, महिलाओं की सुरक्षा और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Religious Conversion Issues (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Nashik Religious Conversion Issues: पाश्चात्य कॉर्पोरेट संस्कृति वोकीज़्म और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महिलाओं की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आयोजित केरला स्टोरी टू नासिक स्टोरी परिसंवाद में गंभीर चर्चा की गई। निवेक सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में नासिक के चर्चित टीसीएस प्रकरण का उल्लेख करते हुए लैंगिक शोषण और धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर विभिन्न वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने पीड़िता से मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए दावा किया कि आर्थिक परेशानियों, मोबाइल पर भड़काऊ वीडियो क्लिप्स और मानसिक प्रभाव के माध्यम से धर्मांतरण के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में एक युवक को भी फंसाकर उसके साथ मारपीट किए जाने का उल्लेख किया गया। आयाम संस्था के ट्रस्टी मिलिंद कुलकर्णी ने केरल में धर्मांतरण की घटनाओं का संदर्भ देते हुए ‘ओ श्रुती’ पुस्तक के आधार पर कथित कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
धर्मांतरण विरोधी कानून
वहीं, एडवोकेट मिलिंद कुरकुटे ने बताया कि वर्ष 2022 से इस मामले में नौ शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून में मौजूद खामियों पर भी प्रकाश डाला। ऋता पंडित ने वोकीज़्म, जेंडर फ्लुइडिटी और पाश्चात्य विचारधारा की आलोचना करते हुए भारतीय मूल्यों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने अभिजीत जोग की पुस्तक ‘असत्यमेव जयते’ का भी संदर्भ दिया।
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‘She-Box’ पोर्टल
एड. रश्मी जपे ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए POSH कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और ‘She-Box’ पोर्टल के उपयोग का आह्वान किया। वहीं अमेय दीक्षित ने कहा कि यदि एचआर विभाग कर्मचारियों के साथ मैत्रीपूर्ण संवाद बनाए रखे, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। लघु उद्योग भारती, निमा और आयाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस परिसंवाद का संचालन सोनाली तेलंग ने किया। कार्यक्रम में कानूनी खामियां, कॉर्पोरेट सुरक्षा ऑडिट, डिजिटल ट्रैप और भारतीय मूल्यों के संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई।
