महाराष्ट्र के किसानों के लिए काम की खबर, फसलों का डिजिटल सर्वे का बढ़ा समय, जानें आखिरी डेट

नासिक में खरीफ 2025 के लिए ई-पीक पाहणी की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ाई गई। अब तक 3.98 लाख हेक्टेयर भूमि का सर्वेक्षण मोबाइल ऐप से पूरा किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
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Nashik News: नाशिक में खरीफ सीजन 2025 के लिए किसानों द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-पीक पाहणी (ई-फसल सर्वेक्षण) पंजीकरण की समय सीमा को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय उन किसानों को मौका देने के लिए लिया गया है, जो कुछ क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और दोबारा बुवाई के कारण अभी तक अपनी ई-पीक पाहणी पूरी नहीं कर पाए थे। उप-जिलाधिकारी (प्रशासन) तुकाराम हुलवाले ने बताया कि 19 सितंबर 2025 तक जिले में किसानों द्वारा 3 लाख 98 हजार 775 हेक्टेयर भूमि का ई-पीक पाहणी पूरा कर लिया गया है।

जानिए क्या है ई-पीक पाहणी

ई-पीक पाहणी एक डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली है, जिसमें किसान अपने खेत से ही मोबाइल ऐप के जरिए अपनी फसलों की जानकारी अपलोड करते हैं। इस प्रणाली से सरकार को फसलों का सटीक डेटा मिलता है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं, बीमा क्लेम, और मुआवजा वितरण में पारदर्शिता आती है और किसानों को उनका हक़ मिल पाता है।

जिले में अब तक का पंजीकरण

नाशिक जिले के 15 तालुकाओं, नाशिक, सिन्नर, निफाड, दिंडोरी, त्र्यंबकेश्वर, कलवन, इगतपुरी, येवला, बागलाण, चांदवड़, मालेगांव, देवला, नांदगांव, पेठ और सुरगाणा – में कुल 13 लाख 23 हजार 484 मालिकी क्षेत्रों का ई-पीक पाहणी किया जाना है।

इनमें से 19 सितंबर तक

4 लाख 57 हजार 424 मालिकी क्षेत्रों का पंजीकरण

11 लाख 3 हजार 82 हेक्टेयर क्षेत्र में से

3 लाख 98 हजार 775 हेक्टेयर पर ई-पीक पाहणी पूरी हो चुकी है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2025 तक अपने डिजिटल क्रॉप सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-पीक पाहणी अवश्य पूरा करें, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं, बीमा, और आपदा राहत का लाभ उठा सकें।

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