दिन-रात की तपस्या 2 अंक से हुई भंग, पुलिस भर्ती में असफल इगतपुरी की प्रतीक्षा ने खत्म की जिंदगी
Nashik Crime News: इगतपुरी की प्रतीक्षा ने पुलिस भर्ती में मात्र 2 अंक से पिछड़ने पर की आत्महत्या। वर्दी पहनने का सपना टूटने से थी गहरे अवसाद में।
- Written By: अनिल सिंह
Igatpuri Police Recruitment Suicide
Igatpuri Police Recruitment Suicide: महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है। इगतपुरी तालुका के उभाडे गांव की एक होनहार युवती, प्रतीक्षा शिवाजी सुरुडे (20 वर्ष), ने पुलिस बल में भर्ती होने का सपना टूटने के बाद आत्महत्या कर ली। प्रतीक्षा पिछले कई महीनों से दिन-रात कड़ी मेहनत कर रही थी, लेकिन अंतिम चयन सूची में मात्र 2 अंकों के अंतर ने उसे गहरे अवसाद में धकेल दिया।
यह घटना उन हजारों युवाओं के मानसिक संघर्ष को उजागर करती है जो सरकारी नौकरियों के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं।
दो अंकों का घातक फासला
प्रतीक्षा ने नासिक में आयोजित पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पूरे दमखम के साथ भाग लिया था। हाल ही में जारी हुए नतीजों में भर्ती की कट-ऑफ (मेरिट) 127 अंक तय की गई। प्रतीक्षा ने अपनी क्षमता के अनुसार शानदार प्रदर्शन करते हुए 125 अंक प्राप्त किए थे। वर्दी पहनने और समाज सेवा करने का उसका सपना मात्र दो अंकों की दूरी पर रह गया। शनिवार (11 अप्रैल) को जब प्रतीक्षा को इस परिणाम का पता चला, तो वह इस मानसिक आघात को सहन नहीं कर सकी।
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परिवार और गांव में मातम
प्रतीक्षा एक बेहद साधारण परिवार से थी और उसका लक्ष्य पुलिस में भर्ती होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारना था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे उसने अपने घर में साड़ी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जैसे ही परिवार को इस घटना का पता चला, घर में कोहराम मच गया। घोटी पुलिस स्टेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है।
युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
प्रतीक्षा की आत्महत्या ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और अवसाद पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि असफलता को जीवन का अंत मान लेना एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। प्रतीक्षा की मेहनत में कोई कमी नहीं थी, लेकिन मेरिट की बारीकियों ने एक उभरते हुए भविष्य को हमेशा के लिए शांत कर दिया। इगतपुरी इलाके में इस घटना के बाद से गहरा शोक व्याप्त है और स्थानीय नागरिक सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं में प्रतीक्षा सूची (Waiting List) और काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं।
