अंबड में बड़ी कार्रवाई; 100 से अधिक घर जमींदोज, एमआईडीसी की अतिक्रमण विरोधी मुहिम से सैकड़ों परिवार बेघर
MIDC Demolition Action: नासिक के अंबड औद्योगिक क्षेत्र से सटी शांतिनगर झुग्गी बस्ती में एमआईडीसी प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाते हुए 100 से अधिक टिन शेड और मकानों को ध्वस्त कर दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Slum Demolition (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Ambad Encroachment Drive: अंबड औद्योगिक क्षेत्र से सटी शांतिनगर झुग्गी बस्ती में मंगलवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की सहायता से करीब १०० से अधिक टिन के शेड और कुछ पक्के मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण पिछले कई वर्षों से यहां रह रहे सैकड़ों परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। रही-सही कसर दोपहर में हुई मूसलाधार बारिश ने पूरी कर दी, जिसने प्रभावितों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
तड़के सुबह शुरू हुई कार्रवाई
यह जमीन तकनीकी रूप से गायरान श्रेणी की थी, लेकिन एमआईडीसी के अधिकार क्षेत्र में आने के कारण प्रशासन ने पुलिस बल के सहयोग से यह कदम उठाया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच भारी पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया, जब अधिकांश निवासी सो रहे थे। पुलिस ने नागरिकों को तुरंत घर से बाहर निकलने के निर्देश दिए और जेसीबी से ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे से अधिक समय तक चली इस कार्रवाई में पूरे परिसर से अतिक्रमण हटा दिया गया।
भारी पुलिस बंदोबस्त, नहीं हुआ विरोध
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर 200 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान निवासियों की ओर से कोई विरोध या हंगामा नहीं देखा गया। हालांकि, अचानक बेघर होने और घरेलू सामान, कपड़े तथा बर्तन खुले आसमान के नीचे आ जाने से कई परिवार लाचार नजर आए।
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मुसलाधार बारिश ने बढ़ाई मुसीबत
दोपहर करीब चार बजे क्षेत्र में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इसके चलते खुले में रखा घरेलू सामान पूरी तरह भीग गया। शेड न होने से महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने प्लास्टिक और तिरपाल की मदद से सामान बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बौछारों के आगे उनकी एक न चली। यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, पुलिस उपायुक्त किशोर काले और सहायक पुलिस आयुक्त सचिन बारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बंदोबस्त में 10 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, 14 सहायक निरीक्षक व उपनिरीक्षक, 155 पुलिस कर्मी और 69 महिला पुलिस कर्मी शामिल थीं। स्थानीय नागरिकों ने अब प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास और सहायता की मांग की है।
