

Nagpur Monsoon Update: मई महीने भर भीषण गर्मी और तेज धूप की मार झेलने के बाद नागपुरवासियों को आखिरकार राहत मिलनी शुरू हो गई है। जून के पहले ही दिन मौसम ने करवट ली और शहर में गर्मी का असर काफी कम महसूस किया गया। दिनभर धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा, वहीं ठंडी हवाओं और कुछ क्षेत्रों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को नागपुर का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 4.5 डिग्री कम था। तापमान में आई इस गिरावट ने सुबह और शाम के समय मौसम को अपेक्षाकृत अधिक सुहावना बना दिया।
इसके अलावा सोमवार सुबह 8:30 बजे तक शहर में 1 मिलीमीटर वर्षा भी दर्ज की गई। हालांकि बारिश की मात्रा अधिक नहीं थी, लेकिन बूंदाबांदी और बादलों की मौजूदगी ने गर्मी के तेवर नरम कर दिए। दिनभर कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की हवाएं चलती रहीं, जिससे वातावरण में नमी बढ़ी और तापमान नियंत्रित रहा।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार मंगलवार को भी शहर और जिले के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रह सकता है। नागपुर शहर तथा जिले के एक-दो स्थानों पर तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश या बौछारों की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण विदर्भ क्षेत्र में मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है। इसके चलते बादलों की आवाजाही बढ़ रही है और प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो रही हैं। यही कारण है कि दिन के तापमान में कमी और बीच-बीच में बारिश की स्थिति बन रही है।
विभाग ने यह भी अनुमान व्यक्त किया है कि 7 जून तक नागपुर का मौसम इसी प्रकार बना रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से 2 जून और 4 जून को बिजली की कड़कड़ाहट और बादलों के गर्जन की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहीं तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे मानसून आगमन से पहले लोगों को और राहत मिलेगी।