नासिक मनपा के लिए गले की फांस बनी ‘स्मार्ट सिटी योजना’, अधूरे प्रोजेक्ट्स के लिए अब भी 118.96 करोड़ की दरकार
Nashik Smart City: केंद्र सरकार की 'स्मार्ट सिटी योजना' बंद होने के बाद नासिक मनपा के कई अहम प्रोजेक्ट्स अधूरे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए ₹118.96 करोड़ के फंड की जरूरत है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक 'स्मार्ट सिटी योजना (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation Fund Crunch Smart City: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट सिटी योजना’ के आधिकारिक रूप से समेटे जाने के बाद, अब मनपा की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। सरकार ने भले ही इस योजना को बंद कर इसके सारे अधिकार मनपा आयुक्त को सौंप दिए हों, लेकिन नासिक म्युनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट आज भी अधूरे पड़े हैं।
इन अधूरे कामों को पूरा करने के लिए 118.96 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड की जरूरत है। अब सबसे बड़ा संशय यह है कि केंद्र और राज्य सरकार अपना बकाया फंड देगी या यह पूरा आर्थिक बोझ नासिक मनपा को खुद उठाना पड़ेगा। एक तरफ जहां कंपनी बंद होने से अधिकारियों और कर्मचारियों के रोजगार पर तलवार लटक गई थी।
न्यायालय ने बांध दिए मनपा के हाथ
वहीं, दूसरी तरफ बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में मनपा के हाथ बांध दिए हैं। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट सिटी कंपनी के कर्मचारियों पर अगली सुनवाई तक कोई भी दंडात्मक या जबरन कार्रवाई न की जाए। यानी प्रोजेक्ट बंद होने के बावजूद मनपा न तो इन कर्मचारियों को हटा पा रही है और न ही इस व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त हो पा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर के सब्जी बाजार में प्यासे लोग, सीमेंट सड़क बनी, लेकिन पानी नहीं; महात्मा फुले बाजार की बदहाल तस्वीर
मानसून की दस्तक से महंगी हुई सब्जियां, बाहरी आवक पर टिका नागपुर; बिगड़ने लगा किचन बजट
प्याज किसानों के लिए 10 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग, भारत दिघोले ने उठाई स्थिर निर्यात नीति की आवाज
बुलडोजर जाते ही लौट आता अतिक्रमण, नागपुर के फुटपाथों पर कब्जा; राहगीरों के लिए सड़क पर चलना मजबूरी
नासिक के ये काम अधर में लटकें
नासिक शहर में वैसे तो 18 से 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, लेकिन शहर की सुरक्षा और पानी से जुड़े सबसे मुख्य प्रोजेक्ट्स अभी भी अधर में हैं, जिसमें एरिया बेस्ड डेवलपमेंट क्षेत्र में जल शुद्धीकरण केंद्रों का पुनर्विकास, स्काडा प्रणाली लागू करना और स्मार्ट वॉटर मीटर बिठाना। ईएसआर, जीएसआर और पंप हाउस का निर्माण समेत ट्रांसमिशन नेटवर्क का काम। नासिक स्मार्ट एंड सेफ सिटी सॉल्यूशंस प्रोजेक्ट, नेटवर्क बैकबोन और सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली।
यह भी पढ़ें:- प्याज किसानों के लिए 10 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग, भारत दिघोले ने उठाई स्थिर निर्यात नीति की आवाज
जून 2015 को शुरू हुई थी योजना
- भाजपा के नगरसेवक गुरुमित बग्गा द्वारा मनपा की महासभा में उठाए गए सवाल के लिखित जवाब में स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमंत मोरे ने साफ किया है कि प्रोजेक्ट के कुल मंजूर बजट में से 118.96 करोड़ मिलना अभी बाकी है।
- इस बकाया राशि में केंद्र सरकार का हिस्सा 45.99 करोड़, राज्य सरकार का हिस्सा 22.97 करोड़, नासिक मनपा का हिस्सा 50.00 करोड़ है।
- 25 जून 2015 को शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य सीसीटीवी, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से नासिक को लैस करना था, लेकिन अब जब राज्य सरकार के 22 अप्रैल के आदेश के बाद कंपनी के अधिकार मनपा आयुक्त को ट्रांसफर हो चुके हैं, तब करोड़ों के अधूरे काम और कोर्ट के आदेशों के बीचनासिक मनपा के लिए यह ‘स्मार्ट सिटी’ गले की फांस बन चुकी है।
