

Nashik City Link bus Fuel crisis: ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव का सीधा असर अब नासिक के आम नागरिकों की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन आपूर्ति बाधित होने के कारण पिछले 2 हफ्तों से सीएनजी और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है। ईंधन के इस बढ़े हुए दामों के कारण मनपा की 'सिटी लिंक' बस सेवा बड़े आर्थिक संकट में घिर गई है और इस घाटे की भरपाई के लिए प्रशासन जल्द ही बस टिकट की दरों में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रहा है। नासिक की जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'सिटी लिंक' के बेड़े में फिलहाल कुल 250 बसें हैं, जिनमें से 200 बसें सीएनजी पर और 50 बसें डीजल पर चलती हैं।
शहर के विभिन्न रूटों पर ये नासिक बसें रोजाना 1206 फेरे (ट्रिप्स) लगाती हैं, जिससे हजारों नौकरी-पेशा लोग, छात्र और आम मजदूर यात्रा करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में सीएनजी के दाम आसमान छूने और आपूर्ति में अनिश्चितता आने से सिटी लिंक का दैनिक खर्च बजट से बाहर हो गया है।
बता दे कि मनपा ने 8 जुलाई 2021 को एसटी महामंडल से नासिक शहर की बस परिवहन व्यवस्था अपने हाथ में ली थी। आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल टिकट और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग के कारण नासिक वासियों ने इस सेवा को हाथों-हाथ लिया, लेकिन आर्थिक गणित के मामले में यह प्रोजेक्ट 'सफेद हाथी' साबित हो रहा है। पिछले 6 वर्षों में सिटी लिंक के कारण मनपा की तिजोरी पर 333 करोड़ 13 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। सिटी लिंक में आखिरी बार टिकट की दरों में बढ़ोतरी वर्ष 2023 में की गई थी, जिसके बाद से अब तक कोई किराया नहीं बढ़ाया गया है।
वर्तमान में ईधन की बढ़ती कीमतों, सीएनजी आपूर्ति में आ रही दिक्कतों और बढ़ते परिचालन खर्च को देखते हुए, आने वाले समय में टिकट दरों में बढ़ोतरी करने के बारे में विचार किया जा सकता है।
- विजयकुमार मुंडे, सीईओ, सिटी लिंक, मनपा, नासिक