मनसे-उबाठा ने एकजुट होकर बनाई मोर्चे की रणनीति, लोगों के हक के लिए संघर्ष करें: दिनकर पाटिल
MNS-UBT: मनसे के प्रदेश महासचिव दिनकर पाटिल ने कहा कि मनसे और उबाठा के पदाधिकारियों को एकजुट होकर दिंडोरी तहसील में आम आदमी की समस्याओं के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
मनसे-उबाठा ने एकजुट होकर बनाई मोर्चे की रणनीति (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nashik News: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रदेश महासचिव दिनकर पाटिल ने कहा कि मनसे और उबाठा के पदाधिकारियों को एकजुट होकर दिंडोरी तहसील में आम आदमी की समस्याओं के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए। वह महायुति सरकार के विरुद्ध 12 सितंबर को आयोजित जन आक्रोश मोर्चा की योजना की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में बेरोजगारी, अनियमित बिजली आपूर्ति, किसानों की कर्ज माफी, सड़कों की बदहाली और स्वास्थ्य सेवाओं की चरमराहट जैसे कई मुद्दों को उठाया गया।
इसके अलावा, नाशिक जिले में बढ़ते अपराध, अवैध कारोबार, नशीली दवाओं की बिक्री, फसल बीमा घोटाला और जल जीवन मिशन योजना में घोटाले जैसे कई और मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर मनसे प्रदेश उपाध्यक्ष सलीम शेख, शिवसेना ग्रामीण संपर्क प्रमुख जयंत दिंडे, शिवसेना जिला प्रमुख पिंटू नाईक, मनसे जिलाध्यक्ष अंकुश पवार सहित मनसे और शिवसैनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।
विवाद : प्रवासी की टिप्पणी से बढ़ा मामला हिन्दी पर भड़के मनसैनिक
पिछले कुछ महीनों से राज्य में बढ़ता मराठी बनाम प्रवासी विवाद अब नासिक तक पहुंच गया है। यहां एक घटना सामने आई है जहां मनसे कार्यकर्ताओं ने एक प्रवासी व्यक्ति को पिटाई कर दी, जिस पर एक मराठी परिवार को धमकाने का आरोप है। यह घटना नासिक रोड के जय भवानी रोड पर हुई, जहां उक्त व्यक्ति ने एक मराठी परिवार के साथ बदसलूकी की थी।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला: अखिलेश यादव बोले- यह केवल इस्तीफा नहीं, इंकलाब है
नासिक में बन रहा उत्तर महाराष्ट्र का सबसे ऊंचा इस्कॉन मंदिर, 15 करोड़ की लागत से 5 मंजिला भव्य निर्माण
सिर्फ वृक्षारोपण नहीं, संरक्षण पर भी जोर: मिशन ग्रीन मानसून के पांचवें चरण में नासिक वासियों का दिखा उत्साह
हमें न्यायवाला चाहिए चाय वाला नहीं… मुंबई में बना जंतर मंतर-2, उमड़ा युवाओं का सैलाब, देखें Video
ये भी पढ़े: इमारत ढही तो जागी नासिक मनपा, हर पुराने मकान का होगा ‘ऑडिट’, अन्यथा लगेगा 25,000 रुपए का जुर्माना
इस मामले की शुरुआत लासुरे नामक एक मराठी परिवार की दोपहिया गाड़ी को टक्कर लगने से हुई जानकारी के अनुसार, एक प्रवासी व्यक्ति चार पहिया वाहन चलाना सीख रहा था। उसी दौरान, उसने लासुरे के स्कूटर को टक्कर मार दी,जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जब लासुरे परिवार ने उससे इस बारे में बात की, तो वह व्यक्ति क्रोधित हो गया और उनसे गाली-गलौज करने लगा।
मुझे मराठी नहीं आती
जय भवानी रोड पर मौजूद मनसे कार्यकर्ताओं को जब इस घटना का पता चला, तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने उस व्यक्ति को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने बदतमीजी से बात की। उसने कहा, ‘मुझे मराठी नहीं आती और मैं हिंदी में बात करूंगा, तुम मुझसे हिंदी में बात करौरी। इस ताने से मनसे कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। उन्होंने उसे मराठी परिवार से माफी भी मंगवाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
