नासिक विधान परिषद चुनाव में महायुति में खींचतान तेज, शिंदे गुट और भाजपा के बागियों ने ठोका दावा
Nashik MLC Election: नासिक विधान परिषद सीट के लिए महायुति में सस्पेंस गहरा गया है। नामांकन के आखिरी दिन से पहले भाजपा के गणेश गीते और शिंदे गुट के विजय करंजकर ने पर्चा भरकर संकट बढ़ा दिया है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक विधान परिषद चुनाव (सोर्स सोशल मीडिया)
Nashik MLC Election Mahayuti Seat Sharing: महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनाव के चलते राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ गया है। नासिक विधान परिषद सीट को लेकर महायुति के भीतर सीट बंटवारे का सस्पेंस गहरा गया है, जिससे दोनों दलों के बीच उम्मीदवारी को लेकर जोरदार खींचतान जारी है। नामांकन दाखिल करने के लिए महज एक दिन शेष बचा है, लेकिन महायुति अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना सकी है।
शनिवार को भाजपा के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन के एक करीबी नेता द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के बाद, रविवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के दिग्गज नेता विजय करंजकर ने भी नामांकन फॉर्म खरीद लिया है। इससे महायुति का आंतरिक तनाव खुलकर सामने आ गया है।
भाजपा में आंतरिक गुटबाजी हुई तेज
सीट को लेकर केवल सहयोगियों में ही नहीं, बल्कि खुद भाजपा के भीतर भी जबरदस्त गुजबाजी देखने को मिल रही है। मंत्री गिरीश महाजन के दो सबसे खास और कट्टर समर्थक इस सीट के लिए आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा के नासिक शहर उपाध्यक्ष निलेश बोरा और नासिक नगर निगम की स्थायी समिति के पूर्व सभापति गणेश गीते,
दोनों ने ही उम्मीदवारी के लिए पर्चा खरीदा है। इसके अलावा भाजपा की ओर से बापू पिंगले ने भी फॉर्म लिया है।
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पूर्व नगरसेवक गणेश गीते ने कल ही अपना नामांकन दाखिल कर इस सीट पर सीधा दावा ठोक दिया। उन्होंने मीडिया से कहा, मुझे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मेरे नेता गिरीश महाजन ने इस सीट के लिए शब्द दिया था, इसीलिए मैंने नामांकन भरा है। गीते के इस दावे ने पार्टी आलाकमान की सिरदर्दी बढ़ा दी है, क्योंकि निलेश बोरा भी क्षेत्र के एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
आघाड़ी की एंट्री से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय
एक तरफ जहां महायुति की अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, दूसरी तरफ महाविकास आघाड़ी की ओर से शिवसेना (उबाठा) ने भी इस चुनाव में आक्रामक एंट्री कर ली है। ठाकरे गुट के कद्दावर नेता वसंत गीते ने भी इस सीट के लिए नामांकन फॉर्म लिया है, जिससे नासिक का यह चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।
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फिलहाल नासिक सीट को लेकर महायुति के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है। हालांकि, कोई ठोस नतीजा न निकलने के कारण राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या नासिक में महायुति के बीच फ्रेंडली फाइट देखने को मिलेगा। अब सभी की निगाहें वरिष्ठ नेताओं के अंतिम फैसले पर टिकी है।
