बढ़ते ट्रैफिक का समाधान! नासिक में दौड़ेगी मेट्रो, 58 किमी के 3 कॉरिडोर का प्लान तैयार
Nashik Metro Project: नासिक में मेट्रो परियोजना को नई दिशा मिली है। महा मेट्रो ने 58 किमी के तीन कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक मेट्रो परियोजना (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Metro Project Proposal: नासिक शहर का तेजी से होता विस्तार, बढ़ता शहरीकरण, वाहनों की बढ़ती संख्या, विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रही नई बस्तियों और औद्योगिक व्यावसायिक केंद्रों के कारण बदलती यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा मेट्रो) ने नासिक का समग्र यातायात आराखडा तैयार किया है।
इसके तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर में मेट्रो के लिए 58 किलोमीटर लंबी तीन मार्गिकाएं प्रस्तावित की गई हैं। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट की पिछले कुछ वर्षों से चर्चा चल रही है। इससे पहले ‘मेट्रो नियो’ प्रोजेक्ट की तैयारी की गई थी, लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों में यह आगे नहीं बढ़ पाया।
अब समग्र यातायात आराखडे के माध्यम से नए सिरे से मेट्रो पर विचार शुरू हुआ है। लगभग 35 किलोमीटर लंबी पहली दो लाइनों पर भीड़ के समय प्रत्येक मार्ग पर प्रति घंटे 11 हजार यात्रियों के परिवहन का अनुमान है। महा मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि यह क्षमता हल्की (लाइट मेट्रो) सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।
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131 किमी फुटपाथ और 88 किमी साइकिल ट्रैक का प्रस्ताव
पादचारी और साइकिल मार्गों पर विशेष जोर समग्र यातायात आराखडे में मेट्रो के अलावा पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है।
इसके अनुसार शहर में 131 किलोमीटर के पादचारी मार्ग और 88 किलोमीटर के स्वतंत्र साइकिल ट्रैक विकसित करने की संकल्पना प्रस्तुत की गई है। गोदावरी नदी तट क्षेत्र में भी पैदल और साइकिल मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा प्रमुख चौराहों का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, मालवाहतूक प्रबंधन और ट्रक टर्मिनलों को भी इस आराखडे में शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुगम और आधुनिक हो सकेगी।
मल्टी-मोडल हब व पर्यावरणपूरक परिवहन पर जोर
वर्तमान स्थिति और वर्ष 2056 तक की यातायात व आवागमन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह एकीकृत यातायात आराखडा तैयार किया गया है। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सर्वाधिक यात्री मांग वाले मागों पर लगभग 58 किलोमीटर लंबी मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का जाल बिछाने की संकल्पना प्रस्तुत की गई है।
इसमें निम्नलिखित तीन प्रमुख मार्गिकाएं शामिल है- गंगापुर-नासिक रोड रेलवे स्टेशन (21.50 किमी), गगापुर-मुंबई नाका-पाथर्डी फाटा (13.58 किमी), ओझर एयरपोर्ट मार्ग-मुंबई नाका/पाथर्डी फाटा-अंबड (लगभग 23 किमी), प्रस्तावित मेट्रो मार्गों को सिटी बस, फीडर सेवा और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से जोड़ने की संकल्पना भी इस आराखडे में रखी गई है।
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इसके तहत शहर में 7 स्थानों पर मल्टी-मोडल हब विकसित करने की योजना है। साथ ही, आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखकर भी इस आराखडे की रूपरेखा तैयार की गई है। इस प्रस्तुतिकरण के दौरान विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर, विधायक देवयानी फरांदे, राहुल ढिकले, महापौर हिमगौरी आहेर-आडके आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
