

Maharashtra MSRTC Financial Loss: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) की आर्थिक स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 5,300 से अधिक नई बसों को बेड़े में शामिल किया गया और जनवरी 2025 में बस किराए में 15 प्रतिशत की वृद्धि भी की गई।
इसके बावजूद निगम की वित्तीय स्थिति सुधरने के बजाय और कमजोर हुई है। जून 2026 में महामंडल को 91.18 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा, जो पिछले वर्ष जून 2025 के 56.85 करोड़ रुपये के नुकसान की तुलना में काफी अधिक है।
महामंडल के ताजा वित्तीय आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में प्रति किलोमीटर घाटा बढ़कर 5.69 रुपये पहुंच गया, जबकि जून 2025 में यह 3.51 रुपये प्रति किलोमीटर था। यानी किराया बढ़ाने के बावजूद परिचालन लागत और आय के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि राजस्व में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी।
पिछले एक वर्ष के आंकड़े भी निगम की बिगड़ती आर्थिक स्थिति की पुष्टि करते हैं। अप्रैल 2025 में मुंबई MSRTC ने 14.35 करोड़ रुपये और मई 2025 में 14.96 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया था। वहीं, अप्रैल 2026 में निगम को 76.47 करोड़ रुपये और मई 2026 में 48.89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। महज एक वर्ष के भीतर लाभ की स्थिति से भारी नुकसान तक पहुंचना महामंडल के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी श्रीरंग बर्गे ने कहा कि यात्री संख्या और राजस्व में लगातार गिरावट बेहद चिंताजनक है। उनके अनुसार प्रत्येक संभागीय नियंत्रक और डिपो प्रबंधक के लिए जिला स्तर पर यात्रियों की संख्या और आय बढ़ाने के स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाने चाहिए, ताकि प्रदर्शन की नियमित समीक्षा हो सके।
श्रीरंग बर्गे का कहना है कि यदि निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं होते हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि जवाबदेही तय होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, यात्रियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास तेज होंगे और महामंडल की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी।