coaching class controversy Nashik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Coaching Class Controversy: मराठी विद्यार्थियों के साथ बाहरी राज्यों के शिक्षकों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार और प्रताड़ना की शिकायतों के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (मनविसे) ने कड़ा रुख अपनाया है। मनविसे के पदाधिकारियों ने स्थानीय ‘फिजिक्सवाला विद्यापीठ’ कोचिंग क्लास में जाकर संबंधित शिक्षकों से जवाब-तलब किया और उन्हें सख्त चेतावनी दी।
विद्यार्थियों से प्राप्त शिकायतों के अनुसार, उक्त कोचिंग क्लास में अधिकांश शिक्षक अन्य राज्यों से हैं और उन्हें मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। कुछ छात्रों को शिक्षकों की हिंदी समझने में कठिनाई होती है, जिससे कक्षा में विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। आरोप है कि पूछने पर शिक्षकों ने छात्रों से अभद्रता करते हुए कहा कि वे मराठी में नहीं पढ़ाएंगे और यदि उन्हें पढ़ना है तो हिंदी में ही सीखना होगा।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनविसे पदाधिकारियों ने प्रबंधन से सवाल किया कि महाराष्ट्र में रहकर मराठी भाषा की अवहेलना क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब कार्यालय का स्टाफ मराठी भाषी है तो शिक्षक मराठी क्यों नहीं हैं।
मनविसे ने मांग की है कि संस्थान में मराठी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को विषय समझने में आसानी हो। संगठन ने प्रबंधन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना अपने चिर-परिचित अंदाज में आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संस्थान की होगी।
इस अवसर पर मनविसे के शहराध्यक्ष ललित वाघ, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश भोई, बाजीराव मते, उपजिल्हाध्यक्ष नितिन धानापुणे, अक्षय कोंबडे, रोहित उगावकर, मेघराज नवले, मनोज सावंत सहित कई कार्यकर्ता और महाराष्ट्र सैनिक उपस्थित थे।