हर दिन 6 घंटे काम, वेतन सिर्फ ₹83! पोषण आहार कर्मचारियों का सरकार से सीधा सवाल
Malegaon News: मालेगांव में पोषण आहार कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और दिवाली उपहार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
हर दिन 6 घंटे काम, वेतन सिर्फ ₹83! पोषण आहार कर्मचारियों का सरकार से सीधा सवाल
Nashik News: महाराष्ट्र शालेय पोषण आहार कर्मचारी संघ (सिटू संलग्न) ने बुधवार, 15 अक्टूबर को मालेगांव के कॉलेज ग्राउंड में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया। इस अवसर पर राज्य भर से पुरुष और महिला कर्मचारी उपस्थित हुए। उन्होंने सरकार की मनमानी नीतियों का कड़ा विरोध किया और मानधन वृद्धि, दिवाली उपहार, ड्रेस कोड सहित अन्य प्रमुख मांगों के लिए ठोस रुख अपनाया।
83 रुपये प्रतिदिन का न्यूनतम मानधन
राज्य में कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन प्रदान करने वाले लगभग 1,70,427 महिला एवं पुरुष कर्मचारी प्रतिदिन 6 घंटे कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन मात्र 83 रुपये, अर्थात् मासिक लगभग 2,500 रुपये मानधन दिया जाता है, जो अत्यंत न्यूनतम है।
इसके बावजूद सरकार द्वारा घोषित दिवाली भाऊबीज उपहार अभी तक केवल 2,000 कर्मचारियों तक ही पहुँचा है। पूर्व में विभिन्न स्थानों पर आंदोलन के बावजूद केवल आश्वासन दिए गए थे, लेकिन कठोर क्रियान्वयन नहीं हुआ।
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सरकारी निर्णय का पालन नहीं
5 जुलाई 2024 को मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों के लिए 1,000 रुपये वेतन वृद्धि और 2,000 रुपये दिवाली भाऊबीज देने का निर्णय लिया गया था, किन्तु अब तक इसका पालन नहीं हुआ। इस कारण कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- संघ की मांगों में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे शामिल हैं:
- केरल की तरह 18,000 रुपये मासिक वेतन
- 65 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को सेवा समाप्ति पर 1 लाख रुपये का अनुदान
- परिवार की महिलाओं को नियुक्ति में प्राथमिकता
- कर्नाटक की तरह पेंशन योजना लागू हो
- तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की तरह 12 महीने वेतन भुगतान
- सरकारी सेवा में स्थायी नियुक्ति का प्रावधान
- आंदोलन को और तीव्र करने की चेतावनी
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संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों को तत्काल पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन और भी तीव्र रूप ले सकता है। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे शालेय शिक्षा मंत्री के दरवाजे पर बैठकर दिवाली मनाने को भी तैयार हैं। साथ ही, इस आंदोलन में राज्य के अन्य जिलों के पोषण आहार कर्मचारी संघों के भी शामिल होने का संकेत दिया गया है।
