समाजवादी पार्टी और इस्लाम पार्टी की संयुक्त घोषणा, ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ के बैनर तले चुनाव
Malegaon Municipal Election: मालेगांव महापालिका चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और इस्लाम पार्टी ने ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ के बैनर तले संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
मालेगांव महापालिका चुनाव
Malegaon Municipal Election: राज्य में महापालिका चुनावों की घोषणा जल्द होने की संभावना के बीच मालेगांव महापालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मालेगांव बाह्य और मालेगांव मध्य-इन दो विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित महापालिका चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवार सक्रिय हो चुके हैं। इसी क्रम में मालेगांव शहर की इस्लाम पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व विधायक आसिफ शेख ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर आगामी महापालिका चुनाव संयुक्त रूप से लड़ने की औपचारिक घोषणा की।
शहर में आयोजित एक पत्रकार परिषद में यह निर्णय सार्वजनिक किया गया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष मुश्ताक़िम डिग्निटी, शान-ए-हिंद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। आसिफ शेख ने बताया कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र प्रकरण के बाद समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष मुश्ताक़िम डिग्निटी के साथ ‘माइनॉरिटी डिफेंस कमिटी’ के माध्यम से दोनों दल एक मंच पर आए। शहर की ज्वलंत समस्याओं के समाधान, नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है।
एकजुट होना आवश्यक
समाजवादी पार्टी के नेता मुश्ताक़िम डिग्निटी ने कहा कि पूर्व विधायक निहाल अहमद और रशीद शेख की विचारधारा को मानने वाला एक बड़ा वर्ग मालेगांव में मौजूद है। इसी विश्वास के साथ उन्होंने उम्मीद जताई कि शहर के मतदाता इस गठबंधन को अवसर देंगे। इस दौरान आसिफ शेख ने आरोप लगाया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद सत्ताधारी भाजपा ने मालेगांव पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण देने के आरोप लगाकर शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। विशेष रूप से मालेगांव मध्य क्षेत्र के मतदाताओं को निशाना बनाया गया, जिसके विरोध में एकजुट होना आवश्यक हो गया।
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उन्होंने यह भी कहा कि जन्म प्रमाणपत्र प्रकरण में कई नागरिकों के दस्तावेज रद्द कर उन्हें “घुसपैठिया” घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ तथा कानूनी स्तर पर प्रभावी जवाब देने के लिए संयुक्त लड़ाई जरूरी है।
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मालेगांव सेक्युलर फ्रंट
दोनों दलों ने ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ के बैनर तले महापालिका चुनाव लड़ने की घोषणा की है। नेताओं के अनुसार 99 प्रतिशत सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर मैत्रीपूर्ण मुकाबले की संभावना बनी रह सकती है। अंत में, दोनों नेताओं ने कहा कि जल्द ही सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय लिया जाएगा और मालेगांव के सर्वांगीण विकास, नागरिकों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं से सहयोग की अपील की।
