Mumbai Urban Planning Action (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Encroachment: मुंबई महानगर में तेजी से बढ़ती व्यवस्था की समस्या पर रोक लगाने के लिए उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार ने एक ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। व्यवस्था की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उपनगर नियोजन, ड्रोन सर्वे और मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी जुटाने का फैसला लिया गया है।
अतिक्रमण की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए सोमवार को मंत्रालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित चीजों को निर्देश दिया गया कि वे अप्रैल के अंत तक एक ठोस कार्य योजना तैयार करें। आईटी मंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मिहिर कोटेचा, पर्यावरण विभाग की सचिव जयश्री भोज, मुंबई उपनगरीय जिला के कलेक्टर सौरभ कटियार, म्हाडा मुंबई के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरिकर सहित स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी, बृहन्मुंबई नगर निगम और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मुंबई में 2000, 2011 और 2025 के बीच हुए वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल इंतजामों की समीक्षा की गई। शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में गलत निर्माण और अतिरिक्त मंजिलों के मामले सामने आए हैं।
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पालकमंत्री शेलार ने संबंधित इलाकों को इन इंतजामों की मैपिंग कर संयुक्त कार्रवाई योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुंबई में नालों, नदियों और खुली जमीन को इंतजाम से मुक्त किए बिना शहर का सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने सभी चीजों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और चरणबद्ध तरीकों से इंतजाम हटाने की विस्तृत योजना बनाने का निर्देश दिया।
शेलार ने स्पष्ट किया कि तैयार किया गया एक्शन प्लान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उदाहरण प्रस्तुत किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आवंटन के कारण मुंबई उपनगरों में प्रदूषण, यातायात और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव भी काफी बढ़ गया है।