Malegaon Mayor Protest (फोटो क्रेडिट-X)
Malegaon Protest Fake Birth Certificate: महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध मौजूदगी के गंभीर आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिसका नेतृत्व खुद मालेगांव महानगरपालिका के शीर्ष पदाधिकारी कर रहे हैं। मेयर, डिप्टी मेयर और कई महिला पार्षदों (Corporators) ने नगर निगम के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना दिया। हाथों में तिरंगा लिए इन जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए घुसपैठियों की पहचान करने और फर्जी दस्तावेजों के सिंडिकेट को खत्म करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के कुछ विभागों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिनका उपयोग विदेशी नागरिकों द्वारा भारतीय पहचान पत्र बनवाने के लिए किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद शहर में सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके कारण सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अब आमने-सामने हैं।
Malegaon, Maharashtra: A protest broke out in the city over allegations related to fake birth certificates and Bangladeshi nationals. The Mayor, Deputy Mayor, and several women corporators staged a sit-in demonstration at the Municipal Corporation entrance, holding the national… pic.twitter.com/7gBlQknfre — IANS (@ians_india) February 24, 2026
मालेगांव में चल रहे इस आंदोलन का मुख्य कारण हाल ही में उजागर हुए वे मामले हैं, जिनमें कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों के पास से मालेगांव नगर निगम द्वारा जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं। प्रदर्शनकारी पार्षदों का दावा है कि एक संगठित गिरोह सरकारी प्रणाली में सेंध लगाकर बाहरी लोगों को स्थानीय निवासी बना रहा है। मेयर ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने मांग की है कि पिछले कुछ वर्षों में जारी किए गए सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों की उच्च स्तरीय जांच की जाए।
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आज सुबह जब मालेगांव मेयर और डिप्टी मेयर तिरंगा लेकर महानगरपालिका के गेट पर धरने पर बैठे, तो पूरा प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया। बड़ी संख्या में महिला पार्षदों ने इस ‘सत्याग्रह’ में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त और स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस धरने के कारण पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।
आंदोलन के बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है जो फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी तब तक हटने को तैयार नहीं हैं जब तक कि फर्जी प्रमाण पत्रों को रद्द करने और इसमें शामिल अधिकारियों को निलंबित करने की लिखित गारंटी नहीं मिल जाती। मालेगांव में पैदा हुआ यह तनाव अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन की संभावना बनी हुई है।